कोरबा

Misbehavior : कोरबा नगर निगम में उप अभियंता निलंबित…! पार्षद से दुर्व्यवहार और लापरवाही पड़ी महंगी

ड्यूटी से अनुपस्थित रहते थे अभियंता

कोरबा, 30 अगस्त। Misbehavior : नगर पालिक निगम कोरबा में कार्यरत विद्युत विभाग के उप अभियंता छबिलाल उरांव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें यह कार्रवाई वार्ड पार्षद से दुर्व्यवहार, जनशिकायतों के प्रति लापरवाही और कर्तव्यों से अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर आरोपों के चलते झेलनी पड़ी है।

शिकायत पर हुई त्वरित कार्रवाई

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब एक वार्ड पार्षद द्वारा विद्युत संबंधी शिकायत की गई थी। आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद उप अभियंता छबिलाल उरांव ने समाधान करने के बजाय पार्षद से दुर्व्यवहार किया और शालीनता की मर्यादा से बाहर जाकर व्यवहार किया। इसकी लिखित शिकायत नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे को दी गई थी। आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन का निर्णय लिया गया।

दिन में जल रही थीं स्ट्रीट लाइट, ऊर्जा की बर्बादी

आयुक्त श्री पांडे अपने नियमित वार्ड और बस्तियों के फील्ड निरीक्षण के दौरान यह देख कर हैरान रह गए कि कई स्थानों पर दिन के समय भी स्ट्रीट लाइट्स जल रही थीं, जिससे ऊर्जा की बर्बादी और निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इस विषय पर भी उप अभियंता को पहले ही नोटिस जारी किया गया था।

ड्यूटी से अनुपस्थित रहते थे अभियंता

विभिन्न वार्डों से यह शिकायत भी मिली थी कि श्री उरांव नियमित रूप से ड्यूटी से नदारद रहते हैं और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं। इन सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और अभियंता को निलंबित कर दिया।

आयुक्त का सख्त संदेश

आयुक्त आशुतोष पांडे ने इस प्रकरण के माध्यम से निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधियों, पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार अथवा कार्य के प्रति उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि वे पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान करें।

यह कार्रवाई निगम प्रशासन के इस संदेश को स्पष्ट करती है कि लोक सेवकों से शालीनता, जवाबदेही और कार्यकुशलता की उम्मीद की जाती है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असम्मानजनक व्यवहार बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।

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