
कोरबा। राजस्व के कार्यो में कसावट लाने के लिए कलेक्टर ने 125 पटवारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश में विवादित पटवारी अब शहरी क्षेत्र में पदस्थ हो रहे है। जो जंगल मे मोर नाचवा चुके है। जमीन से जुड़े जानकारों की माने तो बजरंग के ट्रांसफर की खबर के बाद जमीन दलालों के चेहरे खिल उठे है। उनके चेहरे की चमक को देखकर जनमानस कहने लगे है होठों में मुस्कान क्यू नही भाई क्योंकि शहर के सरकारी जमीन को लुटेरे जो ठहरे।
बता दें कि कलेक्टर अजीत बसंत ने शुक्रवार को 125 पटवारियों के प्रभार में फ़ेरबदल आदेश जारी किया है। जारी आदेश में एक ऐसा नाम चर्चा में है जो जंहा भी रहे विवादों में रहे है। उनके तबादले की खबर से शहर के सरकारी जमीन को अपना बताकर बेचने वाले जमीन दलालों की बांछे खिल गई है।
ये भी मामला पहले से है जांच के दायरे में
डीडीएम रोड में खसरा नम्बर – 670/4 की आदिवासी भूमि को सामान्य बनाकर ऊंची कीमत पर बिक्री किया गया है। इसी तरह खसरा नम्बर – 669 की जमीन को बिना रजिस्ट्री के नामान्तरण करा लिया गया है । यही नही शारदा विहार के समीप खसरा नम्बर – 348 की सीएसईबी की जमीन को निजी बनाकर बेचा गया है। सूत्र बताते है कि खसरा नम्बर – 302/2/घ के जमीन को टुकड़ा में बांटकर 6 फर्जी रजिस्ट्री की गई है। व्यापक स्तर पर हुए जमीन फर्जीवाड़ा में बस्ती के एक जमीन दलाल का नाम सुर्खियों में है।