Korba News : राखड़ उड़ने से परेशान ग्रामीणों का हंगामा, एचटीपीपी अधिकारियों की गाड़ी पर फेंकी राख, किया विरोध प्रदर्शन…

Desk Reporter
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कोरबा। हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीपी) के नवागांव झाबु स्थित राखड़ बांध से उड़ने वाली राख ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। शिकायत के बावजूद समाधान न मिलने से गुरुवार को गुस्साए ग्रामीणों ने एचटीपीपी कंपनी के अधिकारियों का घेराव कर दिया। निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी की गाड़ी रोककर ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और गाड़ी पर राख फेंक कर अपना आक्रोश जताया।

ग्रामीणों का आरोप : आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला

पूर्व सरपंच लखन सिंह कंवर का कहना है कि विद्युत कंपनी के एचटीपीपी संयंत्र के राखड बांध से जीना दुर्भर हो गया है। हल्की सी हवा भी चलने से डैम से राख उड़कर घर और किचन तक पहुंच जाती है।प्रबंधन की तरफ से हमेशा सिर्फ निराकरण का आश्वासन मिलता है। इससे ग्रामीणों का जीना दुभर हो गया है। एचटीपीपी ने ग्रामीणों से कई वादा किया था कि गांव में डॉक्टर की पहुंच कर नि:शुल्क इलाज, शादी पार्टी में उड़ने वाली राख से खाने का सामग्री की भरपाई पानी का छिड़काव ,मुआवजा नौकरी ऐसी समस्या है वादा पूरा नहीं किया गया है। नवागांवकला में हल्की सी भी हवा चलने पर गांव में राख की वर्षा होने लगती है।

स्कूली बच्चों का भी विरोध, मिड-डे मील तक प्रभावित

स्कूल विद्यार्थियों ने हसदेव ताप विद्युत संयंत्र एडिशनल सी के अधिकारी का गाड़ी रोक स्कूल विद्यार्थियों ने राखड़ बांध से उड़ने वाली राख से होने वाले समस्या को अपने स्कूल ले जाकर दिखाई विद्यार्थी का कहना है कि स्कूल में मध्याह्न भोजन में राखड़ के कारण मध्य भोजन नहीं कर पाते क्लासरूम में राखड से होती है परेशानी

बीमारियों और फसलों पर बुरा असर

दिलबाई यादव ग्रामीण का कहना है कि उड़ने वाली राख बीमारी और फसलों को भी नुकसान कर रहा है राख के कारण शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है आंख में डस्ट चली जाती है। जब खाना खाते हैं, तब उसमें राख आ जाती है। बाहरी हवा सांस लेने के लायक नहीं है। नाक-मुंह धोने पर राख का डस्ट निकलता है। इससे आंखों की परेशानी सांस, दमा, अस्थमा, एलर्जी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।कई घंटे तक अधिकारी और ग्रामीणों में बहस होने के बाद आखिरकार पूर्व सरपंच अमिता सिंह कंवर,पूर्व सरपंच लखन सिंह कंवर एवं ग्राम वासियों के सामने एचटीपीपी को लिखित में देना पड़ा कि मांगे पूरी कर दी जाएंगी जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया

राखड़ को उड़ने से रोकने के लिए प्रबंधन की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे जिस कारण राखड डेम से प्रभावित ग्रामीण आए दिन समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है।

 

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