
रायपुर, 31 अगस्त। 125th Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का आयोजन शनिवार को नवा रायपुर स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्य और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने कार्यक्रम का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि –
“‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री जी का यह कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करता है।”
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश – आपदा में सहयोग, खेलों में आत्मविश्वास
‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की आपदा के समय एकजुटता की भावना को भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना की पहचान बताया। उन्होंने कहा –
“प्राकृतिक आपदा की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करना ही भारत की असली ताकत है।”
प्रधानमंत्री ने युवाओं से खेलों में भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए इसे स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और नेतृत्व का जरिया बताया।
मुख्यमंत्री ने साझा किया विदेश दौरे का अनुभव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में संपन्न जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार का ध्यान कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश लाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर और तकनीकी प्रगति का रास्ता खुलेगा।
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में ‘विकसित राज्य’ की प्रतिबद्धता
“छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस ऐतिहासिक वर्ष में हमें विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेना है। इसके लिए जरूरी है कि हर नागरिक अपनी भूमिका को ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि शासन और जनता के साझा प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
संपन्न हुआ प्रेरणादायी आयोजन
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू, राजीव अग्रवाल सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया –
“प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को अपनाकर हम सभी को एक स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बनना है।”