Women Harassment : जांजगीर-चांपा से बड़ी खबर…! वरिष्ठ अधिकारी पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप…पूर्व उप संचालक के खिलाफ FIR दर्ज

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Women Harassment

जांजगीर-चांपा, 21 जनवरी। Women Harassment : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें कृषि विभाग के तत्कालीन उप संचालक एल.एम. भगत पर महिला अधीनस्थ कर्मचारी का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। इस मामले में चांपा थाना पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 79 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

आरोप और जांच की शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, एल.एम. भगत जांजगीर जिले में कृषि विभाग के उप संचालक के पद पर कार्यरत थे, लेकिन करीब एक माह पहले उनका स्थानांतरण रायगढ़ जिले में हो गया था। आरोप है कि अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और शारीरिक उत्पीड़न भी किया। महिला कर्मचारी ने इस मामले की शिकायत दो माह पहले जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय पांडे से की थी।

महिला कर्मचारी के अनुसार, एल.एम. भगत लगातार अपने पद का दबाव बनाते हुए उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाते थे, और उनका उत्पीड़न लंबे समय से चल रहा था। महिला ने शिकायत में यह भी बताया कि इससे वह मानसिक तनाव का सामना कर रही थीं। इस गंभीर आरोप के बाद कलेक्टर और एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभागीय और पुलिस की संयुक्त जांच टीम गठित की। इस टीम में जांजगीर की सीएसपी योगिता बाली भी शामिल थीं।

जांच और एफआईआर दर्ज होने तक का घटनाक्रम

जांच के दौरान महिला कर्मचारी के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहनता से जांच की गई। जांच में शिकायत के आरोपों की प्राथमिक पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर चांपा थाना में एल.एम. भगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, क्योंकि वह वर्तमान में रायगढ़ जिले में पदस्थ हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल

यह मामला एक बार फिर कार्यस्थल पर उत्पीड़न और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को उठाता है। प्रशासनिक हलकों में इस घटना को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आरोप जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी पर लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

इस मामले ने न केवल जांजगीर-चांपा जिले, बल्कि पूरे राज्य में कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है, और इस घटना से प्रशासन और विभागीय महकमे में किस तरह का संदेश जाता है।

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