“तेलगा उस्ताद का तिलिस्म: अफसरों से ‘दिललगी’ और राख से ‘सोना’ बनाने की काली कहानी”
कोरबा। “जली को आग और बुझी को राख कहते हैं… और जो इसी राख से ग्रामीणों की जिंदगी से खेल जाए, उसे ‘तेलगा उस्ताद’ कहते हैं।” यह फिल्मी संवाद आज उर्जाधानी की फिजाओं में तैर रहा है। मामला सीएसईबी के झाबू और डिंडोलभांठा राखड़ डेम का है, जहां राख निकालने के नाम पर एक ऐसा … Continue reading “तेलगा उस्ताद का तिलिस्म: अफसरों से ‘दिललगी’ और राख से ‘सोना’ बनाने की काली कहानी”
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