Swetha Hospital : प्रीमैच्योर शिशु को मिला नया जीवन…! श्वेता हॉस्पिटल कोरबा में डॉक्टरों ने रचा चमत्कार…VIDEO

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Swetha Hospital

कोरबा, 31 अगस्त। Swetha Hospital : शहर के श्वेता हॉस्पिटल से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो न सिर्फ़ भावनात्मक रूप से छू लेने वाली है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा और समर्पित डॉक्टरी सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। यहाँ के विशेषज्ञ डॉक्टरों और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की बदौलत एक बेहद प्रीमैच्योर (अकाल) नवजात शिशु को जीवनदान मिला है, जिसका जन्म मात्र 1 किलो वजन के साथ हुआ था।

जटिल स्थिति में हुआ ऑपरेशन

मूलतः कोरबा निवासी सरोजनी आदित्य और अजय कुमार गर्भावस्था के दौरान श्वेता हॉस्पिटल में नियमित इलाज करवा रहे थे। छठे महीने में अचानक तबियत बिगड़ने पर गायनिक विशेषज्ञ डॉ. एम. कुजूर ने तुरंत जांच की और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय वर्मा के साथ परामर्श कर तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। इस दौरान जन्मे शिशु का वजन सिर्फ़ 1 किलो था, जो कि मेडिकल दृष्टिकोण से अत्यंत जोखिमभरा स्थिति मानी जाती है।

एनआईसीयू में चला जीवन रक्षक इलाज

जन्म के तुरंत बाद नवजात को श्वेता हॉस्पिटल के अत्याधुनिक एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने उसे लगातार 24 घंटे देखरेख में रखा। एनआईसीयू की आधुनिक सुविधाएँ, इन-हाउस पैथोलॉजी और तुरंत उपलब्ध दवाओं की वजह से इलाज को बड़ी मजबूती मिली।

बीच में अस्पताल अस्थायी रूप से बंद होने के कारण शिशु को बाहर ले जाया गया, जहाँ उसका वजन घटकर 900 ग्राम रह गया। ये स्थिति परिजनों के लिए बेहद चिंताजनक थी। लेकिन जैसे ही श्वेता हॉस्पिटल दोबारा खुला, शिशु को वापस लाया गया। डॉक्टरों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर महज़ दो हफ्तों में बच्चे का वजन 1540 ग्राम तक पहुँचा दिया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।

यह किसी चमत्कार से कम नहीं था : परिजन

बच्चे के माता-पिता सरोजनी और अजय ने अस्पताल स्टाफ का धन्यवाद करते हुए कहा, “जिस वक्त हमें चारों ओर निराशा दिख रही थी, उस समय श्वेता हॉस्पिटल ने हमें उम्मीद दी। डॉक्टरों की निष्ठा, नर्सिंग स्टाफ की सेवा भावना और यहाँ की सुविधाओं ने हमारे बच्चे को जीवनदान दिया।”

श्वेता हॉस्पिटल: भरोसे का नाम

श्वेता हॉस्पिटल वर्षों से कोरबा और आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहाँ 24 घंटे गायनिक और शिशु रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता, इन-हाउस दवाएँ, अत्याधुनिक मशीनें और समर्पित स्टाफ, इस अस्पताल को विशिष्ट बनाते हैं।

उम्मीद की जीत है

इस पूरे मामले ने यह साबित किया है कि यदि समय पर सही इलाज, विशेषज्ञों की टीम और आधुनिक तकनीक उपलब्ध हो, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। श्वेता हॉस्पिटल की यह उपलब्धि न केवल एक परिवार की खुशियाँ लौटाने वाली कहानी है, बल्कि पूरे कोरबा अंचल के लिए गर्व की बात है।

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