रायपुर/महासमुंद, 27 जनवरी। Support Price : छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को लेकर किसानों में घबराहट और निराशा का माहौल है। राज्य सरकार की ओर से धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है, लेकिन कृषि मंत्री रामविचार नेताम और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने खरीदी की तारीख बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
खरीदी तारीख बढ़ाने की संभावना
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग किसानों की ओर से की जा रही है और इस संबंध में वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री से मिलने का उनका उद्देश्य धान खरीदी की अवधि बढ़ाने के बारे में गंभीर चर्चा करना है, ताकि किसानों को और समय मिल सके।
फिलहाल, 31 जनवरी तक धान खरीदी का आखिरी दिन है और किसानों के टोकन कटने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। लगभग दो लाख किसानों के टोकन अब तक नहीं कट पाए हैं, जिससे उन्हें भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा किसान मोर्चा ने भी धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की सरकार से मांग की है।
महासमुंद जिले में धान बेचने की चिंता
महासमुंद जिले के कई किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी धान बेचने की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि उनके घर में धान का सत्यापन पहले ही हो चुका था, लेकिन फिर भी टोकन नहीं काटे गए। ग्रामीण सेवा सहकारी समिति भूकेल में किसानों को टोकन न मिलने से वे परेशान हैं और रोजाना समिति में जाकर अपनी समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
समिति में पहुंचे किसान कलेक्टर महासमुंद से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कलेक्टर ने किसानों के फोन कॉल रिसीव नहीं किए। इससे किसानों में आक्रोश और निराशा बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि उनका टोकन नहीं कटता है, तो वे अपने उत्पाद को समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
किसानों का आक्रोश
ध्यान देने योग्य बात यह है कि किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। कांग्रेस, भाजपा किसान मोर्चा, और अन्य संगठन सरकार से ध्यान देने और किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
किसानों को राहत की उम्मीद
कृषि मंत्री के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने और तारीख बढ़ाने की चर्चा के बाद, किसानों में एक नवीन आशा का संचार हुआ है। यदि सरकार खरीदी की तारीख बढ़ाती है, तो किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए और समय मिल सकता है, जिससे वे आर्थिक संकट से उबर सकेंगे।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के संकेत से छत्तीसगढ़ के किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन महासमुंद जिले में जो किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, उनके लिए यह स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। सरकार को इस दिशा में त्वरित निर्णय लेकर किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।