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Social Media Influencer : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का जलवा…! आकर्षक ‘ब्रेस्ट’ के दम पर हासिल किया अमेरिका का O-1B वीजा…जानें यहां

वीजा प्राप्त करने के लिए जूलिया ने ये किया

नई दिल्ली, 28 जनवरी। Social Media Influencer : कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जूलिया ऐन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता के दम पर अमेरिका का प्रतिष्ठित O-1B वीजा हासिल किया है। जूलिया ने अपने आवेदन में पारंपरिक कला की उपलब्धियों की बजाय अपने सोशल मीडिया कंटेंट और फॉलोअर्स की संख्या को अपनी ‘असाधारण प्रतिभा’ के रूप में पेश किया, और इसी वजह से उन्होंने यह वीजा प्राप्त किया।

25 वर्षीय जूलिया ऐन ने मजाकिया अंदाज में खुद स्वीकार किया कि ‘मेरे ब्रेस्ट की वजह से मुझे O-1B वीजा मिला।’ उन्होंने बताया कि उनका आवेदन अमेरिका की इमिग्रेशन प्रणाली में एक नया मोड़ है, क्योंकि इसके जरिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स को भी प्रतिष्ठित वीजा मिल रहा है।

वीजा प्राप्त करने के लिए जूलिया ने ये किया

जूलिया ने अपने वीजा आवेदन में कई वीडियो जमा किए, जिनमें वह लो-कट शर्ट में नजर आ रही थीं और एक वीडियो में सैंडविच खाते हुए सवाल पूछ रही थीं। उनके इस कंटेंट को लाखों लोगों ने देखा, और उनके फॉलोअर्स की संख्या भी काफी अधिक है। उनका सबसे मशहूर वीडियो 1.1 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया था।

O-1B वीजा का महत्व और इतिहास

O-1B वीजा अमेरिका का सबसे प्रतिष्ठित वीजा माना जाता है, जिसे खासतौर पर कला और मनोरंजन क्षेत्र में असाधारण क्षमता वाले लोगों को दिया जाता है। इसका इतिहास 1972 में शुरू हुआ था, जब इसे मशहूर गायक जॉन लेनन को अमेरिका में रहने की अनुमति देने के लिए लागू किया गया था। लेकिन अब इसका दायरा डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों तक बढ़ चुका है।

इमिग्रेशन वकील की राय

प्रसिद्ध इमिग्रेशन वकील माइकल वाइल्ड्स के अनुसार, यह बदलाव समय के साथ आया है। अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स बड़े पैमाने पर इस वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं। हालांकि, सिर्फ शारीरिक बनावट या बोल्ड वीडियो होने से O-1B वीजा मिलना संभव नहीं है। आवेदक को यह साबित करना होता है कि वह अपने क्षेत्र में असाधारण है, और इसके लिए फैन फॉलोइंग, सोशल मीडिया प्रभाव, और व्यावसायिक सफलता जैसे सबूत पेश करने होते हैं।

डिजिटल क्रिएटर्स की बढ़ती भूमिका

जूलिया ऐन जैसे डिजिटल क्रिएटर्स अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं और डिजिटल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा दे रहे हैं। इमिग्रेशन वकीलों का मानना है कि अब डिजिटल क्रिएटर्स को मजाक में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि वे न केवल अपनी कला बल्कि व्यवसायिक रूप से भी समाज में सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।

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