कोरबा

Palm Mall : पाम मॉल जमीन घोटाला…! हाईकोर्ट ने कोरबा पुलिस की ‘सतही जांच’ पर लगाई फटकार…60 दिन में मांगा विस्तृत प्रतिवेदन

पीड़िता को थाने बुलाकर परेशान करने पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

कोरबा, 13 नवम्ब। Palm Mall : कोरबा के बहुचर्चित पाम मॉल जमीन घोटाले मामले में पीड़िता अरुणिमा सिंह को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सत्येंद्र प्रसाद ने 10 नवंबर को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कोरबा कोतवाली पुलिस द्वारा लगाए गए ‘खात्मा’ (क्लोजर रिपोर्ट) को खारिज कर दिया है।

अदालत ने पुलिस जांच को सतही दिखावा बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि मामले की गंभीरता को दरकिनार कर जांच अधूरी छोड़ी गई है। न्यायालय ने सात बिंदुओं पर विस्तृत जांच के लिए आदेश दिया है तथा 60 दिन के भीतर अंतिम प्रतिवेदन (Final Report) अनिवार्य रूप से जमा करने का निर्देश दिया है।

पीड़िता को थाने बुलाकर परेशान करने पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

न्यायालय ने यह भी पाया कि जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता अरुणिमा सिंह को बार-बार थाने बुलाकर घंटों बैठाकर परेशान किया। इस पर अदालत ने गंभीर नाराजगी जताई और कोतवाली थाना प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में पीड़िता को थाने न बुलाया जाए, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस उनके निवास स्थान पर जाकर बयान और सहयोग ले।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि पुलिस ने 2023 में खात्मा रिपोर्ट लगाने के लिए पीड़िता को गुमराह किया और यहां तक कि उच्च न्यायालय में भी गलत जानकारी दी। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की। अब अदालत के निर्देश के बाद 60 दिनों में प्रस्तुत होने वाले प्रतिवेदन से यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे घोटाले में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही।

अंकित सिंह की जिद और कानूनी रणनीति से पलटा मामला

इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में पीड़िता का पुत्र अंकित सिंह हैं, जिन्होंने न केवल मामले के दस्तावेज जुटाए, बल्कि स्वयं कानून की समझ से इसे अदालत तक पहुंचाया।

सूत्रों के मुताबिक, अंकित सिंह ने स्वयं जांच की तरह काम करते हुए सबूत जुटाए, जिससे पुलिस की लापरवाही अदालत के सामने उजागर हुई। मामले में एक ओर जिला भाजपा अध्यक्ष के भाई और प्रभावशाली व्यवसायी दिनेश मोदी का नाम जुड़ा है, जबकि दूसरी ओर अंकित सिंह हैं, जिन्होंने अपनी लगन और कानूनी कौशल से प्रशासन और पुलिस दोनों को जवाब देने पर मजबूर कर दिया।

60 दिन की नई जांच में बड़े खुलासों की उम्मीद

अदालत के आदेश के बाद अब 60 दिनों की नई जांच में कई बड़े नाम और अधिकारियों की भूमिका सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस अवधि में कुछ नामी हस्तियों की गिरफ्तारी या पूछताछ भी हो सकती है। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी के लिए आने वाले दो महीने कठिन और दबावपूर्ण माने जा रहे हैं।

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