Naxal Surrender : बस्तर में बड़ा सरेंडर…! टॉप नक्सली कमांडर पापाराव ने 18 साथियों संग डाले हथियार
पश्चिम बस्तर डिवीजन का बड़ा चेहरा था पापाराव
रायपुर/जगदलपुर, 24 मार्च। Naxal Surrender : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर से बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से सक्रिय टॉप नक्सली कमांडर पापाराव उर्फ मंगू ने मंगलवार को बीजापुर जिले के कुटरू थाना में सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनके साथ कुल 18 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए।
जानकारी के मुताबिक पापाराव अपने साथियों के साथ AK-47 समेत कई आधुनिक हथियार लेकर थाने पहुंचा। सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच जगदलपुर रवाना किया गया है।
18 नक्सलियों ने किया सरेंडर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सरेंडर करने वालों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। इनके पास से 8 AK-47, 1 SLR और 1 INSAS सहित अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
पश्चिम बस्तर डिवीजन का बड़ा चेहरा था पापाराव
56 वर्षीय पापाराव मूल रूप से सुकमा जिले का निवासी है और नक्सल संगठन में DKSZCM सदस्य के साथ पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज तथा दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो का सदस्य रहा है। इलाके की भौगोलिक जानकारी के चलते वह कई बार सुरक्षा बलों से बच निकलने में सफल रहा था।
नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
पापाराव के आत्मसमर्पण को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे पहले देवा के सरेंडर के बाद पापाराव ही एक प्रमुख सक्रिय कमांडर बचा था।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में इस बड़े सरेंडर को सरकार की रणनीति की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पापाराव के सरेंडर के बाद बस्तर में माओवाद (Naxal Surrender) के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में क्षेत्र में शांति और विकास को और गति मिल सकती है।



