सुकमा, 27 अगस्त। Mid-Day Meal : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पकेला पोटाकेबिन स्कूल में बच्चों की जान से खिलवाड़ की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। सोमवार को मिड-डे मील तैयार किए जाने के दौरान कर्मचारियों को खाने की गंध में गड़बड़ी का संदेह हुआ। सतर्कता दिखाते हुए खाना तुरंत बच्चों को परोसने से रोक दिया गया, जिससे करीब 400 बच्चों की जान बचाई जा सकी।
क्या हुआ था?
मिड-डे मील (दोपहर का भोजन) की सब्जी में फिनाइल जैसी जहरीली वस्तु की गंध पाई गई। कर्मचारियों ने समय रहते भोजन वितरण रोक दिया। बच्चों ने भी गंध की शिकायत की थी। यदि यह साजिश पकड़ में न आती, तो सैकड़ों बच्चों की जान पर बन सकती थी।
जांच और प्रशासन की कार्रवाई
सुकमा कलेक्टर ने घटना पर संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित की। जिसमें 21 अगस्त को घटी इस घटना का सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि, एक शिक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस शिक्षक से गंभीर पूछताछ जारी है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और केस की आपराधिक जांच शुरू की गई है।
शिक्षक की संलिप्तता का संदेह
घटना के बाद प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जानबूझकर सब्जी में फिनाइल मिलाई गई थी। शिक्षक की संदिग्ध भूमिका को लेकर बच्चों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अभिभावकों का गुस्सा फूटा
घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि अगर समय पर रोक नहीं लगती, तो बड़ा जनहानि का मामला हो सकता था। उन्होंने प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया।
हाईकोर्ट का दखल
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा: “बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना न केवल स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बच्चों की जान कितनी असुरक्षित हो सकती है, अगर सतर्कता न बरती जाए।