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Korba: मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम में शामिल हुए डिप्टी सीएम..कहा छत्तीसगढ़ में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने का ऐतिहासिक कदम, एक करोड़ देने की घोषणा…

कोरबा, 30 अगस्त 2025।छत्तीसगढ़ राज्य में रेशम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “रेशम कृषि मेला सह ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान’ कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री साव ने रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया।

 

अपने उद्बोधन में उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि, “मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रेशम उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीक और मशीनों से अवगत कराना है, ताकि उनकी आमदनी बढ़े और वे आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान में छत्तीसगढ़ रेशम उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, परंतु हम सभी के सामूहिक प्रयासों से इसे पहले स्थान पर पहुंचाना है।”

 

उन्होंने रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करते हुए यह भी कहा कि इस कार्यक्रम को राज्य के कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर माना जाएगा।

कार्यक्रम के आकर्षण

कोरबा जिले के पाली ब्लॉक स्थित केंद्रीय रेशम बोर्ड- बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने रेशम उत्पादन को आय का एक प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा, “इस आयोजन से किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और उनके लिए नए अवसर खुलेंगे।”

उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये देने की जानकारी भी दी और रेशम उत्पादन के माध्यम से होने वाली आमदनी को बढ़ाने की आवश्यकता को बल दिया।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने रेशम उत्पादन में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए रेशम विभाग के अधिकारियों से समन्वय करने की बात कही। उन्होंने किसानों से समस्याओं का समाधान कराने के लिए कार्यालय आने का आग्रह किया।

इसके साथ ही, उन्होंने “मेरा रेशम, मेरा अभिमान” कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया और रेशम कृषि मेला में लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए किसानों से संवाद किया।

किसानों का किया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान रेशम उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती सोनकुंवर बैगा, मुखीराम, शिवरात्रि, गनेश राम, रेशम बाई, सोमनाथ, शकुंतला यादव, कर्मा सिंह, रामकुमार, दिनेश पाल, कनकी दास, बरातू लाल सहित कई किसानों ने अपनी मेहनत और सफलता से रेशम उत्पादन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए।

प्रतिभागी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के विचार
कटघोरा विधायक  प्रेमचंद पटेल ने रेशम उत्पादन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण आय स्रोत बताते हुए कहा कि रेशम उद्योग से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। पाली-तानाखार क्षेत्र के विधायक  तुलेश्वर सिंह मरकाम ने इस आयोजन को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

  • कलेक्टर  अजीत वसंत ने कार्यक्रम में जागरूकता बढ़ाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता देने की बात कही।

केंद्रीय रेशम बोर्ड के निदेशक डॉ. एन बी चौधरी और बिलासपुर के डॉ. नरेंद्र कुमार भाटिया ने रेशम उत्पादन और इसके आर्थिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि कैसे राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं।

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