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कोरबा । शहर के ब्यापारियों में मेहुल चौकसी और नीरव मोदी बनने की होड़ लग गई है। पहले सेठ जी आठ सीआर गड़बड़ी किया और अब भाऊ भाग निकले। जानकर 15 सीआर गोल- माल की चर्चा करते हुए कह रहे है आखिर इतना बड़ा रकम कहाँ किया खर्चा..!
बता दें कि एक तरफ भाजपा के एकतरफा जीत की चर्चा का बाजार गर्म है तो दूसरी तरफ शहर के सुड्डो नी साई के रकम गोल – माल की चर्चा ऊंची उड़ान पर है। सूत्रधार की माने तो रानी धनराज कुंवर हॉस्पिटल के सामने संचालित ज्योति इलेक्ट्रॉनिक्स के अचानक बंद होने की चर्चा चुनावी नतीजे से ज्यादा गरम है।
सूत्रों की माने तो कारोबारी एक सोची समझी रणनीति के तहत बाजार और होल सेल कारोबारियो का रकम धीरे – धीरे दबाते चले गए। भारी भरकम रकम देनदारी होने के बाद अपने चित परिचित कारोबारियो का भी बेड़ा गर्ग कर दिया है। उधारी में रकम देने वाले की बड़ी राशि रोकने की बात सुर्खियां बटोर रही है। हालांकि मामला अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचा है। इसके पीछे दो बड़े कारण बताए जा रहे है जिसमें पहला यह है कि जिन लोगों ने अपने रकम उधारी में दी है वो संबन्ध के आधार है। वह घर-परिवार और अपनी इज्जत बचाने के लिए इसे उजागर करने से परहेज कर रहे हैं। दूसरा ऐसे व्यापारी हैं जो उधार के तौर पर बड़ी रकम इस व्यापारी कम बतौर इंटरेस्ट दे बैठे हैं वह भी कहीं ना कहीं अपने परिवार से इस डूबती रकम के बारे में चर्चा करने में झिझक रहे हैं।
वीसी का धड़ल्ले से चल रहा अवैध कारोबार
शहर में वीसी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों की माने शहर के बड़े ब्यापारी धंधा को धार देने के लिए बड़ी – बड़ी वीसी खेल रहे है। कुछ वीसी खिलाने वाले नट जाते है तो कुछ खेलने वाले ,यानी माइंड गेम का कारोबार जमकर फल फूल रहा है।