कोरबा। भारतीय जनता पार्टी कोरबा जिला कार्यालय के नए भवन अटल स्मृति भवन का भूमि पूजन 2 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होने जा रहा है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी जोरों पर है, लेकिन उससे पहले ही जिला संगठन का आमंत्रण पत्र गंभीर सवालों में आ गया है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिन लोगों ने दशकों तक पार्टी की नींव सींची, उन्हें ही इस आयोजन में न तो आमंत्रण में जगह मिली न मंच पर स्थान!
वरिष्ठ आदिवासी नेता और भाजपा के संस्थापक स्तंभों में शामिल ननकी राम कंवर का नाम न तो अति विशिष्ट और न ही विशिष्ट अतिथियों की सूची में है। आरएसएस और जनसंघ काल से संगठन को समर्पित रहे ननकीराम कंवर को आमंत्रण से बाहर रखना, संगठन में आपसी खींच तान का नतीजा है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।
इतना ही नहीं, प्रदेश भाजपा मंत्री ऋतु चौरसिया, जिनके पिता स्व. आरके चौरसिया ने भी अपना जीवन संघ को समर्पित किया—उन्हें भी आमंत्रण पत्र में स्थान नहीं दिया गया।
दूसरी ओर, जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, जो स्वयं इस पूरे आयोजन के आयोजक हैं, उनका नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्ड में दर्ज है। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि जब आयोजक ही अतिथि बन जाए, तो पार्टी की विरासत का सम्मान कौन करेगा?
और भी चौंकाने वाली बात यह है कि अन्य जिलों में पूर्व जिला अध्यक्षों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया है, जबकि कोरबा में एक भी पूर्व अध्यक्ष को स्थान नहीं मिला। कुल मिलाकर अटल स्मृति भवन का यह आयोजन केवल भवन का शिलान्यास नहीं, बल्कि पार्टी के मंच में नेतागिरी चमकाने का अवसर बन गया है।




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