Korba Forest Division : गणतंत्र दिवस पर कोरबा वन मंडल की झांकी…! भारतीय पैंगोलिन संरक्षण का दिया सशक्त संदेश…! परेड में मिली द्वितीय स्थान
वन विभाग के कर्मचारियों की मेहनत आई रंग
कोरबा, 27 जनवरी। Korba Forest Division : गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोरबा जिले में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में कोरबा वन मंडल द्वारा प्रस्तुत भारतीय पैंगोलिन (Indian Pangolin) संरक्षण पर आधारित जागरूकता झांकी ने जनमानस का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस झांकी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और भारतीय पैंगोलिन के संरक्षण के महत्व को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
झांकी का उद्देश्य और संदेश
इस झांकी के माध्यम से आम नागरिकों को भारतीय पैंगोलिन के महत्व, उसकी पारिस्थितिकीय भूमिका, अवैध शिकार, और इसके संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया। भारतीय पैंगोलिन, जिसे कहट भी कहा जाता है, एक संकटग्रस्त प्रजाति है, और वन विभाग ने इस झांकी के माध्यम से इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
झांकी में पैंगोलिन के प्राकृतिक आवास, शल्क (scales), कीट नियंत्रण में भूमिका, और मानव गतिविधियों से उत्पन्न खतरों को रचनात्मक तरीके से दर्शाया गया। इसके साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि वन्यजीव संरक्षण ही जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है।
वन विभाग का समर्पण और सफलता
कोरबा वन मंडल की इस झांकी को कटघोरा और कोरबा वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था, जिसमें वन विभाग के मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही। इस शानदार कार्य में डीएफओ प्रेमलता यादव, निशांत कुमार, एसडीओ आशीष खेलवार, और सूर्यकांत सोनी की नेतृत्व भूमिका रही। साथ ही कोरबा रेंजर मृतुन्जय शर्मा, कमलेश कुम्हार, अर्जुन कंवर, जितेंद्र सारथी, सिद्धांत जैन आदि ने झांकी को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रोफेशनल परेड में भी हासिल की सफलता
गणतंत्र दिवस पर कोरबा वन मंडल ने परेड में भी भाग लिया, जिसमें वन रक्षकों ने अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके लिए कोरबा वन मंडल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सफलता वन विभाग के कर्मचारियों की लगातार मेहनत और समर्पण का परिणाम थी।
वन विभाग को इस वर्ष दो ट्रॉफी मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, जो विभाग के कुशल मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों का परिचायक है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिली सफलता पर सभी ने बधाई दी, और उनकी कड़ी मेहनत को सराहा।





