
कोरबा।Korba traffic jam police action जाम से निपटने के नाम पर आज शहर के मुख्य मार्गों पर अजीब तस्वीर दिखी। एक तरफ पुलिस बाइक सवारों को रोककर “व्यवस्था” संभालने का दावा करती रही, वहीं दूसरी तरफ रैली और DJ गाड़ियां सड़क पर खुला शक्ति प्रदर्शन करती नजर आईं।
Korba traffic jam police action हालत ये रही कि आम आदमी लाइन में खड़ा रहा, बाइक आगे नहीं बढ़ा सका… लेकिन DJ गाड़ियां बीच सड़क पर डटी रहीं और पूरा सिस्टम जैसे बेबस नजर आया। सवाल सीधा है, सख्ती सिर्फ आम लोगों के लिए ही क्यों?
लोग अब पुलिस की रणनीति पर भी तंज कस रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर बाइक रोकना आसान है, लेकिन रैली के नाम पर सड़क घेरने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या नियम भीड़ और ताकत देखकर तय होते हैं?
रैली आयोजकों ने भी भक्ति और उत्सव को जैसे सड़क पर ही उतार दिया है। DJ की तेज आवाज, गाड़ियों की लंबी कतारें और घंटों का जाम… आम लोगों के सब्र की असली परीक्षा बन गया है।
शहर के हर चौराहे पर पुलिस जरूर तैनात है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी वही है, जाम के असली कारणों पर कब लगेगी लगाम… या फिर यूं ही आम जनता ही नियमों का बोझ उठाती रहेगी?



