
कोरबा। Korba Bar Election 2026 जिला अधिवक्ता संघ के आगामी 2026-28 चुनाव से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। महिला अधिवक्ताओं (women reservation controversy) के लिए 30% आरक्षण लागू किए जाने के साथ पदों की नई संरचना में “वरिष्ठ” और “कनिष्ठ” श्रेणी जोड़ने पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
एक महिला अधिवक्ता ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे “संकुचित मानसिकता” करार दिया है। उनका कहना है कि महिलाओं को आरक्षण देने के नाम पर पदों में वृद्धि तो की गई, लेकिन साथ ही “कनिष्ठ” जैसी श्रेणी जोड़कर उन्हें बिना कारण कमतर दिखाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने साफ कहा कि यदि पद तय करने हैं तो मानक केवल महिला और पुरुष होना चाहिए, न कि वरिष्ठ और कनिष्ठ जैसी अतिरिक्त श्रेणियां। खासतौर पर महिला पदों के साथ “कनिष्ठ” शब्द जोड़ना आपत्तिजनक बताया गया है।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहले ही इस मुद्दे पर आपत्ति उठाई जाती, तो महिला उपाध्यक्ष जैसे पदों में यह व्यवस्था लागू ही नहीं होती।
चुनाव बहिष्कार की अपील
महिला अधिवक्ता ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा कदम उठाने की बात कही है। उन्होंने सभी महिला वकीलों से एकजुट होकर इस बार चुनाव में भाग नहीं लेने की अपील की है। उनका मानना है कि इससे न सिर्फ विरोध दर्ज होगा बल्कि महिला अधिवक्ताओं की एकता भी सामने आएगी।
बार में बढ़ी हलचल
इस बयान के बाद बार एसोसिएशन में हलचल तेज हो गई है। चुनाव से ठीक पहले उठे इस मुद्दे ने नई बहस छेड़ दी है और अब देखना होगा कि चुनाव प्रक्रिया में कोई बदलाव होता है या यह विवाद और गहराता है।



