
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 नई दिल्ली/तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक नया हथियार 359 चर्चा में है। यह मिसाइल बिना रडार के इस्तेमाल कर दुश्मन के ड्रोन को ढूंढकर मार गिराती है। पिछले 14 दिनों में 358 ने कई अमेरिकी MQ-9 रीपर और इजरायली हर्मीस 900 ड्रोन को गिराया है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 अब 359 के आने से अमेरिका के मिडिल ईस्ट में सभी ड्रोन खतरे में पड़ गए हैं। इजरायल और अमेरिका के लिए सरदर्द बन चुके ‘359’ की काट के लिए दोनों देश के पास कोई प्रभावशाली डिफेंस सिस्टम मौजूद नहीं है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 लॉयटरिंग सरफेस-टू-एयर मिसाइल
359 लॉयटरिंग सरफेस-टू-एयर मिसाइल बताया जा रहा है। यह पहले से मौजूद 358 मिसाइल का उन्नत और बड़ा संस्करण है। विशेषज्ञों के अनुसार यह हथियार बिना पारंपरिक रडार सिस्टम के दुश्मन के ड्रोन को खोजकर मार गिराने में सक्षम है।
रिपोर्टों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में 358 मिसाइल का इस्तेमाल कर कई अमेरिकी MQ-9 रीपर और इजरायली हर्मीस 900 ड्रोन को निशाना बनाया गया है। ऐसे में नए 359 सिस्टम के आने से अमेरिका और इजरायल के लिए चिंता और बढ़ सकती है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 जेट-पावर्ड लॉयटरिंग इंटरसेप्टर है.358
358 मिसाइल को जेट-पावर्ड लॉयटरिंग इंटरसेप्टर के रूप में डिजाइन किया गया है। इसे ट्रक से लॉन्च किया जाता है और यह हवा में लंबे समय तक मंडराते हुए अपने लक्ष्य की तलाश करती रहती है। इसकी गति करीब 740 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है।
यह मिसाइल इन्फ्रारेड सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से लक्ष्य की पहचान करती है। ड्रोन के हीट सिग्नेचर, रडार क्रॉस-सेक्शन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल का विश्लेषण कर यह लक्ष्य को ट्रैक करती है। चूंकि यह खुद कोई रडार सिग्नल प्रसारित नहीं करती, इसलिए ड्रोन ऑपरेटर को हमले की पूर्व चेतावनी नहीं मिलती और अचानक ड्रोन का संपर्क टूट जाता है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 8,500 मीटर ऊंचाई तक उड़ने की क्षमता
इसकी अधिकतम ऊंचाई लगभग 8,500 मीटर तक बताई जाती है, जहां आम तौर पर MQ-9 रीपर और हर्मीस 900 जैसे ड्रोन उड़ान भरते हैं। इसकी अनुमानित कीमत 20,000 से 50,000 डॉलर के बीच बताई जाती है, जबकि MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 32 मिलियन डॉलर है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 क्या है नया
नई 359 मिसाइल को 358 का अधिक उन्नत संस्करण माना जा रहा है। इसका एयरफ्रेम बड़ा होने के कारण यह हवा में ज्यादा समय तक रह सकती है और बड़े इलाके में निगरानी कर सकती है। इसके अलावा इसकी टर्मिनल स्पीड अधिक होने से लक्ष्य के लिए बच निकलना और मुश्किल हो जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार इसकी रेंज 358 की तुलना में 100 किलोमीटर से अधिक हो सकती है। साथ ही इसकी ऊंचाई क्षमता और मारक क्षमता भी बढ़ाई गई है। यह सिस्टम भी रडार-साइलेंट मोड में काम करता है और लक्ष्य की ऑटोनॉमस हंटिंग कर सकता है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 मोबाइल ट्रक लॉन्चर से तैनाती
ईरान इस मिसाइल को मोबाइल ट्रक लॉन्चर के माध्यम से बड़ी संख्या में तैनात कर सकता है। एक साथ कई मिसाइलें लॉन्च कर हवा में अलग-अलग क्षेत्रों में ‘किल जोन’ बनाकर रख सकती हैं। इससे बिना किसी केंद्रीकृत रडार के एक प्रकार का ऑटोनॉमस एंटी-ड्रोन नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 अमेरिका और इजरायल के लिए चुनौती
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका की हवाई निगरानी और खुफिया अभियानों में ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। MQ-9 रीपर जैसे ड्रोन का उपयोग मुख्य रूप से इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) मिशनों के लिए किया जाता है। लेकिन 358 और 359 जैसे कम लागत वाले हथियार महंगे ड्रोन को निशाना बना सकते हैं।
Iranian Loitering Surface-to-Air Missile .359 ऐसे में यदि इन प्रणालियों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, तो यह अमेरिका और इजरायल की हवाई निगरानी क्षमताओं के लिए नई चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रडार सिग्नल न भेजने के कारण इन मिसाइलों का पता लगाना भी कठिन हो सकता है।



