Inspiring Stories : कोंडागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार…! जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन…माता-पिता की मृत्यु के बाद भी हासिल किया मुकाम

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रायपुर, 24 दिसंबर। Inspiring Stories : कोंडागांव की 14 वर्षीय योगिता मंडावी ने जीवन की कठिनाइयों को अपनी ताकत बनाया। मात्र चार साल की उम्र में माता-पिता को खोने के बावजूद बालिका गृह कोंडागांव में बड़े होते हुए उसने कभी हार नहीं मानी। आज वह अपने अदम्य हौसले और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन चुकी है और खेल/जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 26 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार केवल उनकी उपलब्धि का सम्मान नहीं, बल्कि जीवन में संघर्ष के सामने कभी हार न मानने की प्रेरणा भी है।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह कोंडागांव की कुमारी योगिता मंडावी को 26 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें खेल/जूडो के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।

4 वर्ष की आयु में माता-पिता की मृत्यु

योगिता के जीवन की कहानी प्रेरणादायक है। माता-पिता की मृत्यु 4 वर्ष की आयु में हो जाने के बाद उनकी परवरिश बालिका गृह कोंडागांव में हुई। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से योगिता ने मात्र 14 वर्ष की उम्र में राज्य की शीर्ष खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया और राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना शुरू किया। जूडो में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चुना गया।

योगिता आज दिल्ली जाने के लिए कोंडागांव से प्रस्थान कर चुकी हैं। वह दोपहर 12:45 बजे इंडिगो की फ्लाइट द्वारा रायपुर से दिल्ली जाएंगी। उनके साथ कोंडागांव बालिका गृह की अधीक्षिका मणि शर्मा भी मौजूद रहेंगी।

इस पुरस्कार से योगिता की मेहनत और संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, और यह अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत साबित होगा।

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