नई दिल्ली, 30 अगस्त। Kalkaji Temple : दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर परिसर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना घटी, जिसमें 35 वर्षीय एक सेवादार योगेंद्र सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना रात 9 से 9:30 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब दर्शन करने आए कुछ श्रद्धालुओं और सेवादार के बीच मामूली बात पर विवाद बढ़ गया।
चुन्नी-प्रसाद को लेकर शुरू हुआ झगड़ा
पुलिस के अनुसार, कुछ श्रद्धालु दर्शन के बाद चुन्नी और प्रसाद न मिलने से भड़क गए। इस दौरान सेवादार योगेंद्र सिंह से उनकी कहासुनी हो गई, जो जल्द ही हिंसक झगड़े में तब्दील हो गई। आरोप है कि श्रद्धालुओं ने लाठियों और घूंंसों से योगेंद्र पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान मौत
घायल सेवादार को तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान योगेंद्र सिंह (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के फत्तेपुर गांव के निवासी थे और पिछले 14-15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में सेवादार के रूप में सेवा कर रहे थे।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलने पर कालकाजी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हत्या के आरोप में पुलिस ने दक्षिणपुरी निवासी 30 वर्षीय अतुल पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
केजरीवाल का बीजेपी पर हमला
घटना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,”कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले इन बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? ये कानून व्यवस्था की विफलता नहीं तो और क्या है? बीजेपी के चारों इंजनों ने दिल्ली का ये हाल कर दिया है कि अब मंदिरों में भी ऐसी वारदातें हो रही हैं। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं?”
दिल्ली के धार्मिक स्थलों (Kalkaji Temple) में भी अब हिंसा की घटनाएं सामने आने लगी हैं, जो न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता की ओर भी इशारा करती हैं। कालकाजी मंदिर में हुई इस हत्या से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भय का माहौल है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।