Holi Festival : कोरबा में अनोखा संयोग…! दो दिन जलेगी होलिका…4 मार्च को रंगों की होली…बाजार में दिखी जबरदस्त रौनक
व्यापारियों की खरीदारी बढ़ी
कोरबा, 02 मार्च। Holi Festival : इस वर्ष होली का पर्व कई मायनों में खास बन गया है। ज्योतिषीय संयोग और चंद्र ग्रहण के प्रभाव के चलते शहर में होलिका दहन दो और तीन मार्च को अलग-अलग स्थानों पर किया जाएगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। धार्मिक दृष्टि से यह दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है, वहीं व्यापारियों के लिए यह तीन दिन का उत्सव कारोबार में नई जान डाल रहा है।
जानकारों के अनुसार पूर्णिमा तिथि और ग्रहण काल के कारण पारंपरिक मुहूर्त प्रभावित हुआ है। अग्रवाल समाज 2 मार्च की रात को शुभ समय मिल रहा है तो राजपूत समाज ने 3 मार्च को होलिका दहन का निर्णय लिया है। ग्रहण काल में दहन वर्जित होने की मान्यता के कारण अलग-अलग तिथियों में आयोजन तय किए गए हैं।
रंगोत्सव 4 मार्च को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। लेकिन इस बार बाजार की हलचल पहले ही तेज हो चुकी है। शहर के सीतामढ़ी, दर्री रोड, ट्रांसपोर्ट नगर और घंटाघर क्षेत्र की दुकानों में रंग, गुलाल, अबीर, हर्बल कलर्स, पिचकारी और बच्चों के लिए थीम आधारित पानी की गन की भरपूर मांग देखी जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि दो दिन होलिका दहन और एक दिन रंग खेलने की वजह से लोगों की खरीदारी बढ़ी है। कई परिवार रिश्तेदारों और मित्रों के लिए गिफ्ट पैक, सूखे मेवे और पारंपरिक मिठाइयों की भी खरीदी कर रहे हैं। मिठाई दुकानों में गुजिया, मेवे की मिठाई और नमकीन की खरीददारी हो रही है।
स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग भी पहले से ज्यादा है, क्योंकि लोग त्वचा और पर्यावरण को लेकर सजग हो रहे हैं। धार्मिक विद्वानों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में घोषित मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन करें और त्योहार को शांति और भाईचारे के साथ मनाएं।
कुल मिलाकर इस बार होली केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी खास बन गई है। दो दिन होलिका दहन और एक दिन रंगोत्सव, यानी कोरबा में तीन दिन तक उत्सव का माहौल रहेगा।



