Hi-tech Laboratory : छत्तीसगढ़ में हेल्थ सेक्टर की बड़ी छलांग…! अब घंटों में मिलेगी दवा–खाद्य जांच रिपोर्ट…जांच क्षमता 10 गुना तक बढ़ेगी
स्वास्थ्य मंत्री की बड़ी घोषणा
रायपुर, 04 नवंबर। Hi-tech Laboratory : छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब बनने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि करीब डेढ़ एकड़ के परिसर में बनने वाली यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला नकली खाद्य सामग्री और दवाओं की जांच को बेहद तेज और प्रभावी बनाएगी।
छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, अब घंटों में मिलेगी रिपोर्ट
मंत्री ने कहा कि अब तक कई नमूनों की जांच अन्य राज्यों की लैबों में भेजनी पड़ती थी, जिससे रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे। नई लैब शुरू होने के बाद रिपोर्ट कुछ ही घंटों में उपलब्ध हो सकेगी और नकली व संदिग्ध उत्पादों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
मुख्य बजट की बड़ी घोषणा पूरी, 100 करोड़ तक होगा खर्च
2025–26 के मुख्य बजट की महत्वपूर्ण घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार ने लैब निर्माण के लिए 46.49 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना के बाद परियोजना पर कुल 100 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आने का अनुमान है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ की दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
जांच क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी
नई परीक्षण प्रयोगशाला के शुरू होने पर विभिन्न श्रेणियों की जांच क्षमता में भारी वृद्धि होगी, रासायनिक परीक्षण: 500–800 नमूने प्रतिवर्ष 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष, माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि): 2000 नमूने प्रतिवर्ष, मेडिकल डिवाइस परीक्षण (दस्ताने, कैथेटर आदि): 500 नमूने प्रतिवर्ष पहली बार शामिल, फार्मास्यूटिकल्स परीक्षण: 50 नमूने 1000 नमूने प्रतिवर्ष। मंत्री जायसवाल ने कहा कि इस लैब के चालू होने से न केवल परीक्षण क्षमता बढ़ेगी बल्कि मिलावटखोरी, नकली दवाओं और संदिग्ध उत्पादों पर कड़ी और त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ी पहल
नवा रायपुर की यह लैब न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में खाद्य और औषधि निगरानी को नई मजबूती देगी। इससे उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा, बाजार की पारदर्शिता, और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी क्षमता में ऐतिहासिक सुधार होने की उम्मीद है।



