डिजिटल कंपटीशन एक्ट लाने जा रही सरकार, छोटे व्यापारियों को मिलेंगे समान अवसर,जानें क्यों पड़ी जरुरत

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नई दिल्ली। Digital Competition Act: केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सरकार छोटे व्यापारियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए डिजिटल कंपटीशन एक्ट का ड्राफ्ट भी तैयार हो चुका है।

Digital Competition Act: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के कारोबार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान है। देश के ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग में एमएसएमई की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत, निर्यात में 45 प्रतिशत और जीडीपी में 30 प्रतिशत है। इस वजह से सरकार का फोकस एमएसएमई सेक्टर पर बना हुआ है।

Digital Competition Act: वैश्विक स्तर पर कंपटीशन

नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आज का समय काफी बदल गया है। कंपटीशन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहुंच गया है। इस वजह से कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) की भूमिका काफी अहम हो गई है। हमारी जिम्मेदारी है कि अपने कानूनों को फेयर प्रैक्टिस के मुताबिक ही बनाए और लागू करें।

 

Digital Competition Act: उन्होंने आगे कहा कि सीसीआई की जिम्मेदारी बाजार में गैर-प्रतिस्पर्धी प्रथाओं को रोकने के साथ छोटे और नए उद्योगों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे सभी को समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि हमारे रेगुलेशन पहले के मुकाबले काफी प्रभावी हुए हैं और बाजार में किसी एक कंपनी के प्रभाव को रोकते हैं।

Digital Competition Act: डिजिटल कंपटीशन बिल समय की जरूरत

उन्होंने आगे कहा कि 2023 में सरकार ने कंपटीशन एक्ट में बदलाव किए हैं, जो कि पूरी तरह से किसी एक कंपनी के बाजार पर प्रभाव को रोकने में सक्षम हैं, लेकिन डिजिटल कंपटीशन बिल समय की आवश्यकता है। डिजिटल कंपटीशन बिल का ड्राफ्ट मंत्रालय की वेबसाइट पर है। इस पर 100 से ज्यादा सुझाव आ चुके हैं। डिजिटल कंपटीशन को लेकर यूरोपीय देशों, जापान और ऑस्ट्रेलिया में कानून है, हमें अब इसे भारत के बाजारों के अनुरूप लागू करना होगा।

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