कोरबा। डीके हॉस्पिटल डिलीवरी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। कोतवाली पुलिस ने अशोक कुमार नाम के व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस के पास फिलहाल इस ‘अशोक’ की पूरी पहचान साफ नहीं है। यही वजह है कि इस केस में सस्पेंस और भी गहरा गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह मामला महज एक अस्पताल तक सीमित नहीं है। गहराई से जांच की गई तो इसमें शहर के कई रईसजादों और रसूखदार परिवारों के नाम सामने आने की संभावना है। यही वजह है कि अब इस केस को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
क्या है मामला
11 सितंबर को कोरबा के डीके अस्पताल में 18 वर्षीय युवती की डिलीवरी के दौरान हालत बिगड़ गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने इसे लेकर पुलिस को सूचना दी थी। शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
- पुलिस ने अशोक कुमार नामक व्यक्ति को आरोपी बनाया है।
- जांच में शामिल अफसरों का कहना है कि पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
- सूत्र बताते हैं कि इस केस में कई प्रभावशाली घरानों के नाम जुड़ सकते हैं।
- फिलहाल पुलिस ने मामले को हाई-प्रोफाइल मानते हुए तहकीकात तेज कर दी है।
इस तरह डीके हॉस्पिटल केस अब सिर्फ एक मेडिकल लापरवाही का मामला न रहकर शहर के प्रभावशाली चेहरों से जुड़ता हुआ दिख रहा है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अशोक के खिलाफ अपराध दर्ज – टीआई
कोतवाली टीआई एमबी पटेल ने न्यूज पॉवर जोन से बात करते हुए कहा कि अशोक कुमार नामक व्यक्ति के खिलाफ pocso और 376 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। जिससे दोषियों पर कार्रवाई की सके।



