
कोरबा। Korba estate officer double role छात्रावास अधीक्षक से संपदा अधिकारी बने तिवारी जी आज बजट सत्र के दौरान सदन में डबल रोल में दिखें। कभी मेयर के बतौर निज सहायक की भूमिका में हौसला अफजाई किया तो कभी अधिकारी दीर्घा में बैठकर कुर्सी की जिम्मेदारी निभाई।
Korba estate officer double role नगर निगम के बजट सभा के दौरान निगम के तिवारी कभी मेयर के निज सहायक की तरह हौसला बढ़ाते नजर आए, तो कभी अधिकारी दीर्घा में जाकर गंभीर मुद्रा में “कुर्सी की गरिमा” की रक्षा करते दिखे। मानो एक ही शख्स में दो अलग-अलग जिम्मेदारियों का लाइव ट्रेलर चल रहा हो।
सदन में बैठे पार्षदों के बीच भी इस ‘रोल चेंज’ को लेकर हल्की-फुल्की फुसफुसाहट चलती रही। कुछ ने इसे अनुभव का फायदा बताया तो कुछ ने इसे “मल्टीटास्किंग का सरकारी मॉडल” कहकर चुटकी ली।
वैसे, प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा जरूर गर्म है कि तिवारी जी ने आज यह साफ कर दिया कि सरकारी नौकरी में ‘एक पद, एक काम’ का फॉर्मूला अब पुराना हो चुका है। यहां तो जरूरत के हिसाब से किरदार बदलना ही असली हुनर है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले सत्रों में यह ‘डबल रोल’ ट्रेंड बनता है या फिर सिर्फ आज का ही हिट शो साबित होता है।



