क्राइम

Drugs Seige : हाई-सीज ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी…200 किलो से ज्यादा ड्रग्स जब्त, दो ईरानी नागरिक गिरफ्तार

पोरबंदर, 17 फरवरी। Drugs Seige : गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त हाई-सीज ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 200 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। कार्रवाई पोरबंदर तट से करीब 140 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के पास की गई। स्पीड बोट से बरामद 203 पैकेट में सफेद पाउडर जैसा संदिग्ध केमिकल मिला है। दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पोरबंदर लाया जा रहा है।

एटीएस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुनील जोशी के अनुसार, एजेंसी को खुफिया सूचना मिली थी कि ईरान से भारतीय जलक्षेत्र में बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर समुद्र में आठ से दस घंटे तक संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। संदिग्ध स्पीड बोट को इंटरसेप्ट कर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई। नाव और संचार उपकरण भी जब्त कर लिए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यह खेप पंजाब के एक संपर्क तक पहुंचाई जानी थी। एजेंसियां संभावित ‘पंजाब कनेक्शन’ और हवाला/फंडिंग लिंक की पड़ताल कर रही हैं। बरामद पैकेटों को फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए पोरबंदर कोस्ट गार्ड स्टेशन भेजा गया है, ताकि पदार्थ की प्रकृति—हेरोइन, मेथामफेटामिन या अन्य सिंथेटिक ड्रग—की पुष्टि हो सके।

समुद्री मार्ग से तस्करी के मामलों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है। अप्रैल पिछले वर्ष भी एटीएस और तटरक्षक बल ने संयुक्त कार्रवाई में अरब सागर में तस्करों द्वारा फेंकी गई करीब 300 किलोग्राम मादक पदार्थ की खेप जब्त की थी, जिसकी अनुमानित कीमत 1,800 करोड़ रुपये बताई गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि तस्कर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास ‘हाई-सीज ट्रांस-शिपमेंट’ तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जहां छोटी तेज रफ्तार नावों के जरिए खेप भारतीय जलक्षेत्र तक पहुंचाई जाती है।

गिरफ्तार आरोपितों से रूट, सप्लाई चेन, रिसीविंग नेटवर्क और संभावित स्थानीय सहयोगियों के बारे में पूछताछ जारी है। एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जीपीएस ट्रैक, सैटेलाइट फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि समुद्री निगरानी और खुफिया समन्वय को और सख्त किया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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