पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष दुबे उर्फ मयंक और मृत्युंजय दुबे उर्फ MD के रूप में हुई है। सूचना मिली थी कि डीडीयू ऑडिटोरियम रोड पर काली हुंडई कार में दो युवक हेरोइन बेचने की तैयारी में हैं। पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में ले लिया।
2.60 लाख की हेरोइन जब्त
तलाशी में पुलिस को आरोपियों से 26.22 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन मिली है, जिसकी बाजार कीमत करीब 2,60,100 रुपए बताई जा रही है। तस्करों के पास से जब्त सामान का कुल मूल्य 23,34,100 रुपए आंका गया है। इसमें लगभग 20 लाख रुपये की कीमत वाली एक हुंडई कार, 7 मोबाइल फोन (कुल कीमत 74,000 रुपये) और 2.60 लाख रुपये की हेरोइन शामिल थी। यह बरामदगी दर्शाती है कि आरोपियों का नेटवर्क शहर में सक्रिय और संगठित हो सकता है।
कॉलेज छात्रों को बनाए जाने की आशंका
गिरफ्तारी का स्थान साइंस कॉलेज, डीडीयू ऑडिटोरियम, और आसपास के अन्य शिक्षण संस्थानों के बेहद करीब है। पुलिस इस कोण से जाँच कर रही है कि कहीं इन तस्करों का टारगेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी के छात्र तो नहीं थे।
सप्लाई चैन की तलाश
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि, हेरोइन इतनी बड़ी मात्रा में कहां से लाई गई? तस्करों का मुख्य सप्लायर कौन है? इनके ग्राहक कौन-कौन थे?लिस का कहना है कि जल्द ही इनके पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता
यह कार्रवाई दिखाती है कि रायपुर पुलिस शहर को नशा मुक्त (Drugs Racket Busted) बनाने की दिशा में लगातार सख्त और सुनियोजित अभियान चला रही है। शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग्स सप्लाई की कोशिशों को रोकने के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।