Dhaan Kharidi : रायगढ़ में धान खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई…! तीन कर्मचारी निलंबित
कलेक्टर के निर्देश पर धान उपार्जन में लापरवाही पर कार्रवाई
रायगढ़, 04 जनवरी। Dhaan Kharidi : रायगढ़ जिले में धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण एवं जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से दोषी पाए गए समिति प्रबंधकों एवं सहायकों के विरुद्ध निलंबन सहित वित्तीय दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि दो कर्मचारियों का वित्तीय प्रभार समाप्त कर दिया गया है।
सहकारिता विभाग द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कई धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा था। किसानों द्वारा लाए गए धान का गुणवत्ता परीक्षण किए बिना सीधे शासकीय बोरों में भरकर तौल की जा रही थी। इसके अलावा धान खरीदी कार्य में गंभीर लापरवाही और उदासीनता भी सामने आई।
सहकारी समिति कर्मियों पर गिरी गाज
उप आयुक्त सहकारिता विभाग के अनुसार, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जमरगीडी के सहायक समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल द्वारा बार-बार निर्देशों की अवहेलना की गई। कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।
इसी प्रकार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कापू के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे द्वारा भी शासन निर्देशों की अनदेखी करते हुए धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उनका भी वित्तीय प्रभार समाप्त किया गया।
वहीं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठण्डाराम बेहरा तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कोड़ासिया के समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा को गंभीर लापरवाही एवं कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत न करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खड़गांव में धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी के विरुद्ध गाली-गलौच एवं धमकी की शिकायत जांच में सही पाई गई। साथ ही सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया द्वारा भी धान खरीदी में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) के अनुसार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की संपूर्ण धान खरीदी अवधि में धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों पर आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) लागू है।
जिला प्रशासन ने सभी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और शासन की योजनाओं का लाभ सही रूप में हितग्राहियों तक पहुंच सके।



