Crime Report 2025 : कोरबा में अपराध के आंकड़ों में हल्की गिरावट…! हत्याएं कम…पर वारदातें सनसनीखेज…अपराध का तरीका हुआ ज्यादा बेखौफ
गोलीकांड और सरेआम हत्याओं से जिले में दहशत
कोरबा, 04 जनवरी। Crime Report 2025 : वर्ष 2025 के अपराध आंकड़े सतह पर भले ही कुछ राहत देते नजर आएं, लेकिन जिले में हुई दुस्साहसिक और सनसनीखेज हत्याओं ने आमजन के साथ प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2025 में कोरबा जिले में 48 हत्याएं दर्ज हुईं, जो 2024 की तुलना में दो कम हैं। जानकारों का मानना है कि केवल संख्या में आई मामूली गिरावट को सुरक्षा का पैमाना नहीं माना जा सकता, क्योंकि अपराध का तरीका पहले से ज्यादा हिंसक और बेखौफ हुआ है।
गोलीकांड और सरेआम हत्याओं ने बढ़ाई दहशत
बीते साल की सबसे चौंकाने वाली घटना एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की पाली ब्लॉक स्थित सराईपाली कोयला खदान में हुई, जहां भाजपा नेता और ट्रांसपोर्टर रोशन की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। जीप से पहुंचे हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इस घटना ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ संगठित अपराध के बढ़ते हौसलों को उजागर किया।
इसी तरह कटघोरा में भाजपा नेता और ठेकेदार अक्षय गर्ग की कत्ता और कुल्हाड़ी से सरेआम हत्या, ट्रांसपोर्ट नगर में सराफा व्यापारी गोपाल राय सोनी की घर में घुसकर निर्मम हत्या, ग्राम कुरथा में कृष्णा पांडेय की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर दिया।
तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़ी हत्याएं
उरगा क्षेत्र के एक यार्ड में कबाड़ व्यवसायी असरफ मेमन सहित तीन लोगों की तंत्र-मंत्र के नाम पर हत्या और खुद को कल्कि अवतार बताने वाले आरोपी द्वारा ग्रामीण की पत्थर से कुचलकर हत्या कर पांच लोगों को जान से मारने की धमकी देने की घटना ने अपराध के नए और खतरनाक रूप को सामने रखा।
2024 की तुलना में बदला अपराध का स्वरूप
वर्ष 2024 में दर्ज 50 हत्याओं में अधिकांश घटनाएं नशे, पारिवारिक विवाद या आपसी झगड़ों से जुड़ी थीं। कहीं पति ने पत्नी की हत्या की, तो कहीं दोस्तों के बीच विवाद जानलेवा बन गया। 2025 में भी ऐसे मामले सामने आए, लेकिन करीब आधा दर्जन हत्याएं पूरी तरह योजनाबद्ध, सरेआम और दुस्साहसिक रहीं।
क्या कहते है एक्सपर्ट
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शाह के मुताबिक हत्या की संख्या में मामूली कमी सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन अपराध की प्रकृति ज्यादा संगठित और निर्भीक होती जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर गोलीकांड जैसी घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। अब पुलिस को केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि निवारक रणनीति, बीट पुलिसिंग और खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा।
चोरी की घटनाओं में इजाफा
जिले में चोरी की वारदातों में करीब 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई, नशे की बढ़ती लत और शहरी व ग्रामीण इलाकों में निगरानी की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
पुलिस की तत्परता, लेकिन चुनौतियां बरकरार
यह राहत की बात जरूर रही कि अधिकांश गंभीर हत्या मामलों में पुलिस ने तेजी से जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से कई मामलों का खुलासा हुआ। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार 2025 में कुछ अपराधों में आंशिक बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गंभीर अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया गया और पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर, वर्ष 2025 में कोरबा जिले की अपराध तस्वीर मिले-जुले संकेत देती है। आंकड़ों में हल्की राहत जरूर है, लेकिन बढ़ती दुस्साहसिक और सनसनीखेज वारदातें साफ बता रही हैं कि आने वाले समय में कानून व्यवस्था को लेकर सतर्कता और सख्ती दोनों और बढ़ानी होंगी।




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