कोरबा

Collector अजीत वसंत ने कोरबा को विकास की दी एक नई दिशा…! शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों में बदलाव की कहानी

डीएमएफ के दूरदर्शी उपयोग से बदली जिले की तस्वीर

कोरबा, 18 दिसंबर। Collector : कोरबा जिले के 18वें कलेक्टर के रूप में अजीत वसंत का कार्यकाल संवेदनशीलता, दृढ़ निर्णय क्षमता और विकासोन्मुख दृष्टिकोण का एक उल्लेखनीय अध्याय बनकर सामने आया है। उन्होंने 4 जनवरी 2024 को पदभार ग्रहण करते समय ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका उद्देश्य केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाना है। लगभग दो वर्षों के कार्यकाल में उनका यह संकल्प धरातल पर साकार होता दिखाई दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देशन एवं मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में डीएमएफ फंड के सुव्यवस्थित और दूरदर्शी उपयोग से जिले के विकास की मजबूत नींव रखी गई। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए डीएमएफ के प्रभावी उपयोग की रणनीति बनाई गई, जिसके परिणाम आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलने वाले हैं। शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल वसंत के कार्यकाल में शिक्षकविहीन स्कूलों में डीएमएफ से शिक्षकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की व्यवस्था की गई। कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं शुरू की गईं। दसवीं में अच्छे अंक लाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को रायपुर में नीट और जेईई जैसी आवासीय कोचिंग, वहीं बारहवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इन पहलों से जिले के भविष्य निर्माण को नई दिशा मिली। आदिवासी समाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समाज के शिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने, स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियां सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं की स्वीकृति जैसे निर्णयों से सेवाओं की उपलब्धता और स्थायित्व सुनिश्चित हुआ। जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन श्री वसंत की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। पीएम जनमन योजना, विकसित भारत संकल्प यात्रा सहित अन्य योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए नियमित समीक्षा की गई। लोकसभा और नगरीय निकाय निर्वाचन का सफल, पारदर्शी और शांतिपूर्ण संचालन भी उनके कुशल नेतृत्व का उदाहरण रहा। अधोसंरचना और आवागमन को मिली नई गति डीएमएफ के माध्यम से स्कूलों में सुबह के नाश्ते की व्यवस्था, आंगनबाड़ी और स्कूलों में गैस चूल्हों की सुविधा, जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों की स्वीकृति, नए पीडीएस एवं पंचायत भवन, चिर्रा–श्यांग जैसी दशकों पुरानी जर्जर सड़कों सहित दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने वाले पुल-पुलियों के निर्माण से जिले के आवागमन और अधोसंरचना को नई गति मिली। अनुभव और नेतृत्व का लाभ अजीत वसंत इससे पूर्व नारायणपुर और मुंगेली के कलेक्टर, मानपुर–मोहला में एसडीओ (राजस्व), जांजगीर-चांपा और राजनांदगांव में जिला पंचायत सीईओ, राज्य शासन में भौमिकी एवं खनि कर्म विभाग के संचालक तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अपर कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ कोरबा जिले को भी मिला। भावभीनी विदाई आज 18 दिसंबर 2025 को मड़वारानी क्लब में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा श्री वसंत को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने उनके साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम सम्मान और भावुकता के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ प्रेमलता यादव, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एडिशनल एसपी नीतीश ठाकुर, एसडीएम तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, सीएसपी विमल पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कोरबा जिले ने आज एक संवेदनशील, कर्मठ और दूरदर्शी कलेक्टर को विदा किया है। उनके द्वारा बोए गए विकास, विश्वास और जनसेवा के बीज आने वाले वर्षों तक जिले को दिशा देते रहेंगे।
 

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