Collector Action : बैंकों को कलेक्टर का अल्टीमेटम…! फरवरी 2026 तक ऋण लक्ष्य पूरे नहीं हुए तो होगी सख्त कार्रवाई
युवाओं के ऋण में टालमटोल अब नहीं, कलेक्टर दुदावत ने बैंकों को लगाई फटकार
कोरबा, 07 फरवरी। Collector Action : कोरबा कलेक्टोरेट में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) एवं समीक्षा समिति (DLRC) की तिमाही बैठक इस बार औपचारिकता तक सीमित नहीं रही। बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बैंकों को कड़े शब्दों में चेताते हुए स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण देने में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि बेरोजगार युवाओं के ऋण आवेदन फाइलों में दबे नहीं रहने चाहिए। पात्र हितग्राहियों के आवेदनों की प्राथमिकता से जांच कर अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत किए जाएं, ताकि युवा स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें।
जीएसएस ऋण लक्ष्य पर सख्ती, फरवरी 2026 तक डेडलाइन तय
बैठक में शासन प्रायोजित योजनाओं (GSS) के अंतर्गत बैंकों को दिए गए वार्षिक ऋण लक्ष्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फरवरी 2026 के अंत तक हर हाल में लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों की आर्थिक जरूरतों से जुड़ा गंभीर विषय है।
पीएम सूर्यघर योजना पर फोकस, देरी नहीं चलेगी
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति में हो रही देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि जैसे ही आवेदन प्राप्त हों, तत्काल प्रक्रिया पूरी कर ऋण स्वीकृत किया जाए।
बीमा क्लेम में लटकाओ नहीं, संवेदनशील बनो
पीएमएसबीवाई और पीएमजेजेबीवाई योजनाओं के लंबित बीमा दावों पर कलेक्टर ने बैंकों को संवेदनशील और पारदर्शी रवैया अपनाने की सख्त हिदायत दी, ताकि दिवंगत हितग्राहियों के परिजनों को समय पर सहायता मिल सके।
आरबीआई और नाबार्ड ने भी दिखाया आईना
बैठक में आरबीआई के एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह को प्रभावी ढंग से मनाने पर जोर दिया। वहीं नाबार्ड के डीडीएम एस.के. प्रधान ने कृषि एवं प्राथमिकता क्षेत्र ऋण बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ गठन को अहम बताया।
कोरबा अस्पिरेशनल जिला, बहाने नहीं चलेंगे
अंत में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कोरबा को अस्पिरेशनल जिला बताते हुए कहा कि जिले के विकास में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
बैठक में मौजूद सभी बैंक शाखा प्रबंधकों ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरे करने का भरोसा जरूर दिलाया है, लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि बातों के बाद कार्रवाई कितनी तेज होती है।



