नई दिल्ली। मणिपुर को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है और यह चेहरा सियासत के साथ खेल की दुनिया से भी जुड़ा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, दो बार के विधायक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो मास्टर युमनाम खेमचंद सिंह को भाजपा विधायकों ने अपना नेता चुन लिया है। इसके साथ ही 13 फरवरी को लगाए गए राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य में फिर से लोकप्रिय सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

जातीय हिंसा के लंबे दौर से गुजर चुके मणिपुर में भाजपा अब सियासी संदेश बेहद संतुलित ढंग से देना चाहती है। मैतेई समुदाय से आने वाले खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री बनाते हुए पार्टी दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर गंभीरता से विचार कर रही है। इनमें एक कुकी और एक नागा समुदाय से हो सकता है। कुकी समाज से नेमचा किपगेन, जो पूर्व मंत्री और मजबूत जनाधार वाली नेता मानी जाती हैं, उपमुख्यमंत्री पद की सबसे प्रबल दावेदारों में शामिल हैं।
62 वर्षीय खेमचंद सिंह इंफाल के सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक हैं और उन्हें फिलहाल राज्य में सबसे स्वीकार्य चेहरा माना जा रहा है। खास बात यह है कि दिसंबर में उन्होंने उखरूल और कामजोंग के कुकी गांवों का दौरा किया था, जो किसी मैतेई विधायक की पहली ऐसी पहल थी। इसे जातीय मेल-मिलाप की दिशा में बड़ा संकेत माना गया।
- खेमचंद सिंह: राजनीति और खेल का अनोखा संगम
- पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले पहले भारतीय
- 1980 के दशक में असम और मणिपुर में ताइक्वांडो को दिलाई पहचान
- दो बार विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रह चुके हैं
भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि खेमचंद सिंह का संयमित व्यक्तित्व और सभी समुदायों में स्वीकार्यता मणिपुर को हिंसा के दौर से निकालकर स्थिरता की राह पर ले जाने में निर्णायक साबित होगी।



