कोरबाबालकोनगर

BALCO Skill Development : छत्तीसगढ़ी युवाओं की पहली पसंद बना बालको…! स्थानीय प्रतिभा के साथ आत्मनिर्भरता की कहानी

रोजगार से आत्मनिर्भरता तक

बालकोनगर, 19 जनवरी। BALCO Skill Development : आज के दौर में बेहतर करियर की तलाश में युवाओं को अक्सर अपने परिवार, गांव और अपनी जड़ों से दूर जाना पड़ता है। लेकिन छत्तीसगढ़ की एकमात्र एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी बालको इस सोच को बदलते हुए राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। इसके चलते स्थानीय युवाओं को अपने घर के पास रहते हुए ही आगे बढ़ने और वैश्विक स्तर का कार्य करने का अवसर मिल रहा है। बालको द्वारा विस्तार परियोजनाओं, अत्याधुनिक तकनीक और कौशल विकास में किए गए निरंतर निवेश से इंजीनियरिंग, प्रचालन, रखरखाव, सुरक्षा, प्रशासन, सामुदायिक विकास सहित कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इससे युवाओं को राज्य से बाहर पलायन किए बिना ही बेहतर भविष्य बनाने का मंच मिला है।

रोजगार नहीं, सपनों की पूर्ति

रायगढ़ जिले के रिशोरा गांव की निवासी स्मिता प्रधान, जो बालको में जूनियर एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, बताती हैं कि बालको में चयन उनके परिवार के लिए सपने के सच होने जैसा था। स्मिता कहती हैं कि मेट्रो शहरों में काम न करने का उन्हें कभी अफसोस नहीं हुआ, बल्कि बालको में रहते हुए उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के निरंतर अवसर मिल रहे हैं। इसी तरह रायगढ़ की मिथिला प्रधान, जो पॉटलाइन में जूनियर एग्जीक्यूटिव हैं, बताती हैं कि रसायन विज्ञान में मास्टर्स के बाद उन्हें बालको में अत्याधुनिक औद्योगिक वातावरण में काम करने का अवसर मिला। उनके अनुसार, यहां हर दिन नया सीखने को मिलता है और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आगे बढ़ना उन्हें विशेष संतोष देता है।

कार्य-जीवन संतुलन की मिसाल

फाउंड्री में शिफ्ट इंचार्ज देवाशीष पटेल बताते हैं कि बालको का कार्य वातावरण सीखने और सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है। टाउनशिप का हरा-भरा वातावरण और बालको अस्पताल में माता-पिता को मिलने वाली नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उन्हें मानसिक शांति प्रदान करती हैं। वहीं बेक ओवन में कार्यरत पीजीटी मनीष कुमार पटेल कहते हैं कि बालको लंबे समय से छत्तीसगढ़ के कॉलेजों के युवाओं को अवसर देता आ रहा है। उनके अनुसार, संयंत्र परिसर, आवासीय सुविधा और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस ने उनके करियर और निजी जीवन दोनों को सकारात्मक दिशा दी है।

स्थानीय रोजगार से मजबूत होता छत्तीसगढ़

बालको के 70 प्रतिशत से अधिक प्रत्यक्ष कर्मचारी और 80 प्रतिशत से ज्यादा अप्रत्यक्ष कर्मचारी छत्तीसगढ़ से ही हैं। शॉपफ्लोर से लेकर तकनीकी, सुपरवाइजरी और प्रबंधन स्तर तक कंपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर अवसर प्रदान करती है। स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का मंच देकर बालको न केवल छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान दे रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर रहा है। यही कारण है कि बालको आज देश की एक प्रतिष्ठित और भरोसेमंद एल्यूमिनियम कंपनी के रूप में स्थापित है।

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