
औरंगाबाद: कोर्ट परिसर में बने बजरंगबली के मंदिर में प्रेमी युगल ने भगवान को साक्षी मानकर शादी रचा डाली। लड़के के परिवार वाले अब भी शादी के खिलाफ़ हैं। इसी कारण कोर्ट में घंटों जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा चला। दरअसल, यह मामला दो प्रेमियों के बीच का है और दोनों की जाति भी अलग है।
मैरेज मैनजमेंट करने वाले मंजीत की शादी बिना बैंड बाजे के
प्रेमिका का नाम रेणु कुमारी जो पासवान जाति की है और प्रेमी मंजीत जो चंद्रवंशी समाज से आता है। दोनों की शादी तो जरूर हुई पर इवेंट कराने वाले लड़के मंजीत जो कि दूसरे की शादी में सारा कुछ अरेंज करता था, मगर खुद की शादी बिना लगन, बैंड न ही बारात के हो गई। वो भी आजीवन कुंवारे रहने वाले बजरंग बलि के मंदिर में। हालाकि प्रेमी प्रेमिका दोनों ही बालिग है और शादी पर वधू पक्ष को तो कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वर पक्ष को आपत्ति जरूर है।
मिली जानकारी के मुताबिक औरंगाबाद के देव प्रखंड के सरगावां निवासी मंजीत चंद्रवंशी सरेया गांव निवासी रेणु कुमारी से प्यार करता था। दोनों के बीच पढ़ाई के दौरान चट्टी बाजार में कोचिंग क्लास से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच शारीरिक दूरी मिट गई थी।
प्यार में बेंगलुरू जॉब करने चला गया लड़का
प्रेम प्रसंग में ही लड़का जॉब करने बेंगलुरू चला गया। वहां वह एक इवेंट कंपनी में मैरिज मैनेजमेंट का काम करने लगा। इस दौरान लड़की से पिछले चार साल से दूर रहने के बावजूद लड़के का लड़की से प्रेम बना रहा। दोनों मोबाइल पर ही प्यार भरी बाते करते रहे और प्यार चलता रहा।
इस बीच लड़की के परिवार वालों ने उसका कहीं रिश्ता तय कर दिया। लड़की ने रिश्ता तय होने की बात लड़के को बताई तो, उसने कहा कि तुम्हें दूसरे लड़के से शादी नहीं करनी है, मैं ही तुमसे शादी करूंगा। इसके बाद लड़का लड़की को राजस्थान ले आया। वहां जयपुर में लड़के ने लड़की के साथ बंद कमरे में लड़की की मांग भरकर शादी रचा ली। इसके बाद उसे लेकर बेंगलुरू चला आया और साथ में रहने लगा।
लड़की को भगाकर राजस्थान में की शादी
बेंगलुरू में ही लड़के के पास में ही रह रही उसकी मौसी ने इस गुपचुप शादी पर आपत्ति जताई। कहा कि खुलकर कोर्ट में शादी कर लो, तब इसे अपने साथ रखो। लड़का मौसी की बात मान गया और वह लड़की को अपने घर ले आया, जहां उसके परिवार वालों ने आपत्ति जताते हुए लड़की को घर से निकाल दिया।
लिहाजा, न घर के न घाट के वाली नौबत आते ही लड़की ने पुलिस की शरण ली और पुलिस ने शादी की ऐसी इवेंट कराई, जिसकी लड़के को सपने में भी उम्मीद नहीं रही होगी। न घर से बारात निकली, न बैंड बजा, न बाराती रहे, न दरवाजा लगा, न वरमाला की रस्म अदायगी हुई, न ही पंडित जी का वैदिक मंत्रोच्चार और न ही सात फेरे जैसे शादी के इवेंट हुए।
इवेंट कराने वाले लड़के की लड़की के साथ शादी का एग्रीमेंट बना और कोर्ट कैंपस के ही हनुमान मंदिर में लड़के से लड़की की मांग भरवा कर शादी करा दी गई।
पुलिस ने लड़के को मारपीट कर कराई शादी
मामले में लड़के की मां रीता देवी का आरोप है कि पुलिस ने लड़के को पकड़ने के बाद जमकर पिटाई की है। पीटते हुए कोर्ट कैम्पस में लाया और शादी करा दी। वह इस शादी को नहीं मानती हैं। वह लड़की को अपने घर में नहीं रखेंगी। लड़की हमारे जात की नहीं है। मेरी भी बेटी है, उसकी भी शादी करनी है। इसलिए वह लड़की को अपने घर में नही रखेगी। शादी का एग्रीमेंट तैयार कराने वाले वकील नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लड़का-लड़की दोनों बालिग हैं। दोनों की शादी में रजामंदी है। दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है।