रायपुर, 13 सितंबर। Railway Freight : भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 में माल ढुलाई और यात्री कनेक्टिविटी दोनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया। अगस्त 2025 के मुकाबले इस साल रेलवे की माल ढुलाई 5.4 प्रतिशत बढ़कर 137.9 मिलियन टन पहुंच गई। वहीं माल ढुलाई से होने वाले राजस्व में भी 6.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यात्रियों के लिए रेलवे ने अमृत भारत की 14 सेवाओं को नियमित किया और माल परिवहन को मजबूत करने के लिए 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल भी शुरू किए।
137.9 मिलियन टन माल ढुलाई से रेलवे ने दिखाया दम
अगस्त 2026 में भारतीय रेल ने 137.9 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 130.9 मिलियन टन था। यानी एक साल में माल ढुलाई में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके साथ ही माल ढुलाई से मिलने वाले राजस्व में भी 6.27 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया।रेलवे की माल ढुलाई में कोयला, लौह अयस्क, स्टील, उर्वरक और अन्य प्रमुख वस्तुओं की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही। बढ़ती माल ढुलाई से उद्योगों और सप्लाई चेन के लिए रेल परिवहन की भूमिका और मजबूत हुई है।
लौह अयस्क की ढुलाई सबसे तेज, कंटेनर और कोयले में भी बढ़ोतरी
अगस्त में अलग-अलग वस्तुओं की रेल ढुलाई में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली। लौह अयस्क की ढुलाई 12.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि क्लिंकर में 10.4 प्रतिशत और घरेलू कंटेनर परिवहन में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।इसी अवधि में कोयले की ढुलाई 6 प्रतिशत, तैयार इस्पात 4.9 प्रतिशत, खनिज तेल 3.1 प्रतिशत और उर्वरक की ढुलाई 1.6 प्रतिशत बढ़ी। अन्य सामानों की ढुलाई में भी 8.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से बढ़ी माल परिवहन की ताकत
रेलवे ने माल ढुलाई नेटवर्क को और मजबूत करते हुए अगस्त में 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए। इनमें शिवलखा गुजरात, नल्ली तमिलनाडु, शक्तिनगर उत्तर प्रदेश, देवराग्राम मध्य प्रदेश और ब्रजराजनगर ओडिशा शामिल हैं।इन 5 नए टर्मिनलों के शुरू होने के बाद 31 अगस्त 2026 तक देश में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों की कुल संख्या 149 हो गई है। इससे उत्पादन और खपत वाले क्षेत्रों के बीच माल की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार, 14 सेवाएं अब नियमित
यात्रियों के लिए भी अगस्त का महीना खास रहा। रेलवे ने अमृत भारत की 14 सेवाओं को नियमित किया। इसके साथ देश में नियमित अमृत भारत सेवाओं की कुल संख्या बढ़कर 86 हो गई।
इनमें सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस, गोरखपुर-दिल्ली जंक्शन, अहमदाबाद-भागलपुर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन-उधना जंक्शन और धनबाद-कोयंबटूर जैसी सेवाएं शामिल हैं। इन ट्रेनों के नियमित होने से अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है।
67.27 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रक्षाबंधन पर भी चलीं ज्यादा ट्रेनें
अगस्त 2026 में भारतीय रेलवे से 67.27 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। अगस्त 2025 में यह संख्या 64.43 करोड़ थी। यानी यात्री संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। उपनगरीय यात्रियों की संख्या 9.02 प्रतिशत बढ़कर 38.01 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल 34.89 करोड़ थी।
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ाया। 25 से 31 अगस्त 2026 के बीच रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेनों के 144 फेरे चलाए गए, जबकि अगस्त 2025 में 8 से 14 अगस्त के दौरान 48 फेरे ही संचालित हुए थे।
अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रेलवे एक साथ माल ढुलाई, यात्री कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को विस्तार देने पर जोर दे रहा है। अमृत भारत सेवाओं के विस्तार से यात्रियों को नए विकल्प मिल रहे हैं, वहीं गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों की बढ़ती संख्या से रेल आधारित माल परिवहन को और गति मिलने की उम्मीद है।











