रायपुर, 13 सितंबर। Japan Delegation Raipur : रायपुर स्थित NIT रायपुर में भारत-जापान की दोस्ती, संस्कृति और शिक्षा के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। जापान की Ehime University, Matsuyama से 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद प्रतिनिधिमंडल का NIT रायपुर में भी गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया।
जापानी भाषा में हुआ स्वागत, रिश्तों पर खास चर्चा
कार्यक्रम NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमण राव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी ने जापानी भाषा में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत-जापान के संबंध सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म और साझा सांस्कृतिक विरासत के जरिए भी गहरे ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बोधिसेन के जापान से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच युवाओं के आदान-प्रदान और सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
सितार और भरतनाट्यम ने मोहा दिल, जापानी छात्रों ने भी दी प्रस्तुति
स्वागत समारोह में भारतीय संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। NIT रायपुर के रागा म्यूजिक क्लब ने सितार पर ‘पधारो म्हारो देश’ की प्रस्तुति दी, जबकि नृत्यम क्लब ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति से माहौल को खास बना दिया। इसके बाद जापानी छात्रों ने भी अपनी प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और यादगार बना दिया।
विज्ञान से स्टार्टअप तक, NIT में होगा ज्ञान का आदान-प्रदान
प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान विज्ञान और तकनीकी विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जापानी प्रतिनिधिमंडल NIT रायपुर की इंजीनियरिंग लैब्स, शैक्षणिक गतिविधियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी करीब से देखेगा। इसके साथ ही रायपुर और आसपास के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण भी प्रस्तावित है।
भारत-जापान दोस्ती को नई दिशा देने की कोशिश
कार्यक्रम में डॉ. समीर बाजपेयी, Ehime University के एसोसिएट प्रोफेसर और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डॉ. अकीरा यामानाका, डीन डॉ. एस. सन्याल, डॉ. जी.डी. रामटेक्कर, डॉ. मनोज कुमार चोपकर, CSE विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया सहित फैकल्टी और विद्यार्थी मौजूद रहे। इस दौरे को दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक समझ और भारत-जापान मैत्री को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है।











