Bilaspur Violence: बिलासपुर में देर रात बवाल के बाद बड़ी कार्रवाई, 50 से ज्यादा लोगों पर FIR; धारा 307 और 191 भी लगी, 50 से ज्यादा आरोपी पुलिस के रडार पर

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Bilaspur Violence

बिलासपुर, 29 अगस्त।Bilaspur Violence: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामूली विवाद के बाद दो पक्षों के बीच हुए पथराव और झड़प के मामले में 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद समेत अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बलवा समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। FIR में धारा 307 और 191 भी शामिल की गई हैं।

ड्रोन और CCTV से आरोपियों की पहचान

पुलिस अब घटना में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए ड्रोन कैमरे और CCTV फुटेज की मदद ले रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों को चिन्हित कर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बिलासपुर में स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। तनाव को देखते हुए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

मामूली विवाद ने लिया तनाव का रूप

बताया जा रहा है कि बीती देर रात शहर में मामूली विवाद देखते ही देखते तनाव में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बम चलाए। घटना की सूचना मिलते ही एसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए रखी।

दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल, पुलिसकर्मी भी जख्मी

झड़प और पथराव की घटना में दोनों पक्षों के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। रातभर संवेदनशील इलाके में पुलिस की मौजूदगी बनी रही।

विधायक सुशांत शुक्ला बोले- झड़प को दिया गया धार्मिक एंगल

बिलासपुर की घटना को लेकर विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ मौके पर मौजूद थे और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने दावा किया कि दो असामाजिक तत्वों के बीच हुई झड़प को धार्मिक एंगल देने का प्रयास किया गया और बिलासपुर शहर की शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हुई।

विधायक ने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासन में शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि घटना में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और इसी वजह से वे थाने नहीं पहुंचे।

शहर में पुलिस की पैनी नजर

घटना के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। CCTV और ड्रोन फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की अपील: लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को शेयर करने से बचें। शहर में शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

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