
कटघोरा। Korba News रक्षाबंधन त्योहार से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार को कटघोरा में फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने कान्हा डेयरी और श्याम बाबा डेयरी में दबिश दी। दोनों प्रतिष्ठानों से पनीर के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह के बाद सैंपल रायपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
पनीर पर शक, अब रिपोर्ट खोलेगी राज
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद कटघोरा के डेयरी कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, फिलहाल पनीर को नकली या मिलावटी होना साबित नहीं हुआ है। विभाग ने गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से ही साफ होगा कि पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
“बने खाबो–बने रिहबो 2.0” के तहत कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में “बने खाबो–बने रिहबो 2.0” अभियान के तहत 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
इसी अभियान के तहत 19 अगस्त 2026 को कटघोरा स्थित कान्हा डेयरी और श्याम बाबा डेयरी का निरीक्षण किया गया। यहां पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से पनीर के नमूने लिए।
रायपुर की लैब रिपोर्ट पर टिकी नजर
लिए गए सैंपल को जांच के लिए रायपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में यदि खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई के दौरान अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित विभागीय टीम मौजूद रही।
त्योहार से पहले जारी रहेगा अभियान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
अब बड़ा सवाल यही है कि कटघोरा की दोनों डेयरियों से लिए गए पनीर के सैंपल की रायपुर लैब रिपोर्ट क्या कहती है? इसका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।















