कोरबा। Korba Traffic News जिले में नए पदस्थ डीएसपी के लिए शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। एक ओर बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे ट्रैक्टर और भारी वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, तो दूसरी ओर प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग से मानव निर्मित ट्रैफिक जाम आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केवल दोपहिया चालकों और नाबालिगों पर कार्रवाई से शहर को जाम और हादसों से मुक्ति मिल पाएगी?

इसी बीच पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत यातायात थाना द्वारा विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में 11 नाबालिग वाहन चालक मोटरसाइकिल और स्कूटी चलाते मिले।
यातायात पुलिस ने सभी 11 मामलों में मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ₹22,000 का समन शुल्क अधिरोपित किया। साथ ही संबंधित अभिभावकों को सख्त चेतावनी दी गई कि वे भविष्य में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
पुलिस का कहना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण भी है। इसलिए जागरूकता अभियान और वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
हालांकि शहरवासियों का कहना है कि यदि वास्तव में यातायात व्यवस्था सुधारनी है तो बिना नंबर के दौड़ रहे ट्रैक्टरों, नियमों की अनदेखी कर रहे भारी वाहनों, अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम पर भी उतनी ही सख्ती जरूरी है। तभी “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सकेगा।
कोरबा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में पुलिस का सहयोग करें। सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।






