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KORBA: नम आंखों से दी गई भास्कर महतो को अंतिम विदाई, दशगात्र में उमड़ा जनसैलाब… बोले लोग, “यह क्षति कभी पूरी नहीं होगी”


कोरबा/बरपाली। Bhaskar Mahato Dashgatra Korba सलिहाभांठा निवासी एवं समाजसेवी दुर्गा प्रसाद महतो के मंझले पुत्र भास्कर महतो के असामयिक निधन से उपजा शोक आज भी परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र में गहराई से महसूस किया जा रहा है। 11 जुलाई 2026 को उनके आकस्मिक निधन के बाद रविवार को उनके गृहग्राम में दशगात्र एवं चंदनपान संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान हर आंख नम थी और हर चेहरे पर भास्कर महतो की यादों का दर्द साफ झलक रहा था।

 

दशगात्र कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिवारजन, रिश्तेदार, स्वजातीय समाज के लोग, मित्र, ग्रामवासी और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस असहनीय वियोग को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

इस अवसर पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूल सिंह राठिया, पूर्व विधायक श्याम लाल कंवर, कांग्रेस के कोरबा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के उपाध्यक्ष घांसीगिरी गोस्वामी, कोरबा सांसद प्रतिनिधि सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

उपस्थित लोगों ने भास्कर महतो को याद करते हुए कहा कि वे बेहद सरल, सौम्य, मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनका असमय चले जाना केवल महतो परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके व्यवहार और आत्मीयता की छाप लोगों के दिलों में हमेशा बनी रहेगी।

भास्कर महतो अपने पीछे पिता, पत्नी, पुत्र, पुत्री, भाई-बहनों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अचानक इस दुनिया से चले जाना परिवार के लिए ऐसा दुःख है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। दशगात्र कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना और भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ हुआ।

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