
TMC controversy: नई दिल्ली/कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को 19 जून को अपने समक्ष उपस्थित होकर पक्ष रखने के लिए बुलाया है। मामला लोकसभा में टीएमसी के कुछ बागी सांसदों की स्थिति और उनके अलग समूह के दावे से जुड़ा हुआ है।
TMC controversy: लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी संदेश के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को 19 जून 2026 की शाम 5 बजे संसद भवन स्थित लोकसभा अध्यक्ष के आधिकारिक कक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। अध्यक्ष दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले पर निर्णय लेंगे।
TMC controversy: दरअसल, 14 जून को टीएमसी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजा गया था, जिसे सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने सौंपा था। पत्र में मांग की गई थी कि लोकसभा में टीएमसी को उसके अधिकृत नेता और सचेतक के माध्यम से ही मान्यता प्राप्त एकमात्र दल माना जाए।
TMC controversy: साथ ही किसी भी कथित अलग समूह को कोई मान्यता, दर्जा या विशेष सुविधा नहीं देने का आग्रह किया गया था। पत्र में यह भी कहा गया था कि किसी भी निर्णय से पहले पार्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
TMC controversy: सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला टीएमसी के करीब 20 बागी सांसदों की स्थिति पर विचार कर रहे हैं। इन सांसदों ने 14 जून को अध्यक्ष से मुलाकात कर लोकसभा में टीएमसी के अन्य सांसदों से अलग बैठने की अनुमति मांगी थी।
TMC controversy: उन्होंने यह भी दावा किया था कि वे त्रिपुरा की एक राजनीतिक पार्टी के साथ विलय कर चुके हैं। अब 19 जून को होने वाली बैठक में अभिषेक बनर्जी टीएमसी नेतृत्व का पक्ष लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखेंगे, जिसके बाद इस राजनीतिक विवाद पर आगे की दिशा तय हो सकती है।






