CGPSC Recruitment Scam : आरती वासनिक और पूर्व राज्यपाल सचिव अमृत खलखो के घर जांच…डिप्टी कलेक्टर बने बेटा-बेटी के चयन और संपत्ति दस्तावेज खंगाल रही है टीम

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CGPSC Recruitment Scam

रायपुरर/भिलाई, 03 मई। CGPSC Recruitment Scam : चर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास और पूर्व राज्यपाल सचिव अमृत खलखो के भिलाई स्थित घर पर जांच जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम डिप्टी कलेक्टर बने उनके बेटा-बेटी के चयन से जुड़े दस्तावेजों और संपत्ति की जानकारी खंगाल रही है। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

क्या है पूरा CGPSC भर्ती घोटाला?

CGPSC भर्ती घोटाला 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को दरकिनार कर रसूखदार परिवारों के उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर चयनित कराया गया।

CBI की जांच में सामने आया कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबियों को फायदा पहुंचाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, एक निजी कंपनी से CSR फंड के तहत 45 लाख रुपए एक NGO को दिए गए, जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। आरोप है कि इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए।

पेपर लीक और चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

CBI का दावा है कि परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत कई अधिकारियों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र लीक किए गए और प्रभावशाली लोगों के करीबी अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया। मामले में पहले भी कई छापेमारी और गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

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