Scorching Heat का असर वन्यजीवों पर… कोरबा के बाद कांकेर में 500 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत से दहशत

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Scorching Heat

रायपुर/कोरबा/कांकेर, 26 मई। Scorching Heat : छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण लू का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य में पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचने के बीच कोरबा जिले के पाली क्षेत्र के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में भी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों जिलों में मिलाकर सैकड़ों चमगादड़ों की मौत से ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है।

कोरबा के पाली क्षेत्र में 200 चमगादड़ों की मौत

Korba जिले के नगर पंचायत पाली क्षेत्र स्थित नौकोनिया तालाब के पास प्रवासी चमगादड़ों की मौत के बाद वन विभाग और पशुधन विकास विभाग ने संयुक्त जांच की। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अत्यधिक गर्मी, तेज लू और हीट स्ट्रोक के कारण चमगादड़ों की मौत हुई है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही महामारी और संक्रमण संबंधी अफवाहों का खंडन करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

कांकेर के सरोना गांव में तीन दिनों में 500 से अधिक मौतें

Kanker जिले के सरोना गांव में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ों पर लटके चमगादड़ अचानक नीचे गिर रहे हैं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो जा रही है। बीते तीन दिनों में 500 से अधिक चमगादड़ों के मरने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही मौतों से गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया है।

हीट स्ट्रोक को बताया जा रहा मुख्य कारण

पशुधन विकास विभाग के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी और तेज गर्म हवाओं के कारण चमगादड़ हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। तापमान में अचानक वृद्धि और प्राकृतिक आवासों में बढ़ती गर्मी वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी संक्रामक बीमारी या महामारी जैसी स्थिति के संकेत नहीं मिले हैं।

ग्रामीणों में डर, प्रशासन अलर्ट

घटनाओं के बाद ग्रामीण एहतियात के तौर पर पेड़ों के नीचे जाने से बच रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी का यह असर आने वाले दिनों में वन्यजीवों के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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