Human Story : जीते-जी खुद की तेरहवीं का आयोजन…! 1900 लोगों को न्योता…औरैया की अनोखी कहानी

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Human Story
औरैया, 30 मार्च। Human Story : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग ने अपनों को खोने के बाद अपने ही अंतिम संस्कार की चिंता में जीते-जी तेरहवीं का आयोजन कर सबको हैरान कर दिया। लक्ष्मणपुर गांव निवासी 65 वर्षीय राकेश यादव, स्वर्गीय हरवंश यादव के सबसे बड़े पुत्र हैं। उनके दो छोटे भाइयों में से एक की बीमारी से मौत हो गई, जबकि दूसरे की हत्या कर दी गई। इन लगातार दुखद घटनाओं के बाद राकेश पूरी तरह अकेले रह गए। अविवाहित होने के कारण उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी कि उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार और तेरहवीं जैसे रीति-रिवाज कौन निभाएगा। इसी चिंता के चलते राकेश यादव ने एक अनोखा फैसला लिया। उन्होंने अपनी ही तेरहवीं का आयोजन करने का निर्णय लिया और इसके लिए बाकायदा कार्ड छपवाकर करीब 1900 लोगों को आमंत्रित किया। उनका कहना है, मरने के बाद पता नहीं कोई भंडारा करे या नहीं, इसलिए मैं खुद ही अपने हाथों से लोगों को भोजन कराना चाहता हूं। इस अनोखे निमंत्रण पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। लोग इस कदम को हैरानी के साथ-साथ भावनात्मक नजरिए से भी देख रहे हैं। धार्मिक प्रवृत्ति के राकेश यादव ने अपना पैतृक मकान एक रिश्तेदार को दान कर दिया है और खुद एक साधारण झोपड़ी में रह रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नवरात्रि के दौरान नौ दिन का व्रत भी रखा और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आज 30 मार्च को आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। गांव के लोग इसे राकेश की दूरदर्शिता और उनके जीवन के संघर्ष से जोड़कर देख रहे हैं।
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