धमतरी, 18 फरवरी। Child Safety : जिले के कुरूद ब्लॉक के दहदहा मिडिल स्कूल में 35 बच्चों ने अपने बाएं हाथ को ब्लेड से काट लिया। इस घटना में बच्चों के हाथों पर चोट के निशान बने, लेकिन सभी बच्चों का तत्काल उपचार किया गया और वे पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।
घटना का खुलासा
यह घटना 13 फरवरी की है, जब शिक्षकों ने बच्चों के हाथों पर जख्म के निशान देखे। इसके बाद जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और मेडिकल टीम स्कूल पहुंची। कुरूद तहसीलदार सूरज बंछोर ने घटना के बारे में शिक्षकों और बच्चों से बातचीत की और दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी।
नशे का प्रभाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, शिक्षा विभाग और डॉक्टरों की एक विशेष टीम तुरंत स्कूल पहुंची और बच्चों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि बच्चों ने किसी नशे के प्रभाव में या फिर एक-दूसरे की देखा-देखी इस आत्मघाती कदम को उठाया है। बताया जा रहा है कि हाथ काटने की यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा था, लेकिन यह बात 13 फरवरी को खुलकर सामने आई।
दहदहा गांव राजिम रोड पर कुरूद से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में नशे का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसका असर अब स्कूली बच्चों पर दिखने लगा है। जांच टीम ने पाया कि बच्चों के जख्म अब भरने लगे हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह घटना करीब दो से तीन हफ्ते पुरानी है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर बच्चों का खुद को जख्मी करना पूरे इलाके के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
बैठक में शिक्षकों को कड़ी चेतावनी
कुरूद बीईओ चंद्रकुमार साहू ने बताया कि मेडिकल टीम ने सभी बच्चों का उपचार कर दिया है। इसके अलावा, 16 फरवरी को पालकों और शिक्षकों की बैठक बुलाई गई। बैठक में शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई और कहा गया कि वे स्कूल आने वाले बच्चों पर नजर रखें और उनकी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें। धमतरी प्रशासन इस घटना की गहन जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में सतर्कता बढ़ाने की योजना बना रहा है।