बिलासपुर

SDM Court : बिलासपुर SDM कोर्ट में हंगामा…! बाबू पर न्यायिक आदेश नष्ट करने का आरोप…कलेक्टर से लिखित शिकायत

जमीन हड़पने की साजिश का आरोप

बिलासपुर, 31 जनवरी। SDM Court एसडीएम न्यायालय बिलासपुर में लंबित एक भूमि अपील प्रकरण में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। खसरा नंबर 885/5, मौजा जूना बिलासपुर से जुड़े मामले में अपीलकर्ता सि. कीर्ति राव ने SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू विनय विश्वकर्मा पर उत्तरवादी से मिलीभगत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

भूमि विवाद में अंदरखाने आदेश

अपीलकर्ता के अनुसार यह भूमि विवाद मार्च 2025 से SDM न्यायालय में लंबित है। इस दौरान उत्तरवादी मनप्रीत सिंह होरा एक भी बार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बावजूद अपीलकर्ता का दावा है कि सभी वैध दस्तावेज, पंजीकृत विक्रय विलेख, नामांतरण, डाइवर्शन रिकॉर्ड, ऋण पुस्तिका और पटवारी प्रतिवेदन, उनके पक्ष में होने के बावजूद उनके खिलाफ आदेश अंदरखाने में तैयार कर लिया गया।

मामला तब उजागर हुआ जब अपीलकर्ता के अधिवक्ता न्यायालयीन फाइल का अवलोकन करने पहुंचे। आरोप है कि धारा 5 के आवेदन को खारिज करने से संबंधित आदेश पहले से तैयार मिला, जबकि न तो किसी प्रकार की सुनवाई हुई थी और न ही उत्तरवादी की उपस्थिति दर्ज थी। जब अधिवक्ता ने आदेश देखने पर आपत्ति जताई, तो आरोप है कि बाबू विनय विश्वकर्मा ने वह आदेश फाइल से फाड़कर फेंक दिया, फाइल छीन ली और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

अपीलकर्ता का कहना है कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया, ताकि रिकॉर्ड से महत्वपूर्ण सबूत हटाकर उत्तरवादी को अवैध लाभ पहुंचाया जा सके। इसे न्यायिक दस्तावेजों से छेड़छाड़ और गंभीर भ्रष्टाचार की श्रेणी में बताया गया है। मामले की शिकायत कलेक्टर बिलासपुर, संभाग आयुक्त और राजस्व मंत्री को भेजी गई है। शिकायत में संबंधित बाबू के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन और आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।

इस घटना को लेकर स्थानीय वकील समुदाय में भी रोष है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि न्यायालयीन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों द्वारा इस तरह की हरकतों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आम नागरिक का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।

DOC-20260130-WA0052

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