
कोरबा। उरगा क्षेत्र में धान उठाव में भारी गड़बड़ी सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर की गई भौतिक जांच में दो राइस मिलों से हजारों बोरी धान कम पाए जाने के बाद दोनों मिलों को सील कर दिया गया है।

IAS तहसीलदार कोरबा, अतिरिक्त तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक और हल्का पटवारी की संयुक्त टीम ने उरगा स्थित बजरंग राइस मिल और धनेश राइस मिल का औचक भौतिक सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2025-26 में बजरंग राइस मिल ने 66,425 बोरी और धनेश राइस मिल ने 15,200 बोरी धान का उठाव दर्ज कराया था। यानी कुल 79,625 बोरी धान कागजों में होना चाहिए था।
लेकिन जब गोदाम खोले गए तो हकीकत चौंकाने वाली निकली। मौके पर सिर्फ 68,252 बोरी धान ही मौजूद था। इस तरह करीब 11,373 बोरी धान गायब मिला। इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी ने सीधे तौर पर अनियमितता और संभावित घोटाले की ओर इशारा कर दिया।
मामला सामने आते ही उपलब्ध धान को जब्त कर संचालक के सुपुर्द किया गया और विस्तृत जांच पूरी होने तक दोनों राइस मिलों को सील कर दिया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, इसी दिन एक और कार्रवाई में मनोकामना राइस मिल परिसर से समिति के लिए भेजे जा रहे 100 कट्टी धान को ट्रैक्टर सहित जब्त किया गया। यह धान रीसाइक्लिंग के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। खाद्य अधिकारी जी.एस. कंवर, तहसीलदार विष्णु पैकरा और खाद्य निरीक्षक संतोष कंवर की टीम ने ट्रैक्टर को उरगा थाने के सुपुर्द कर दिया।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि जिले में धान खरीदी और मिलिंग व्यवस्था पर प्रशासन की नजर सख्त हो चुकी है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।



