Cooperative Bank : छत्तीसगढ़ सहकारी बैंकों में KCC लोन घोटाला…! 646 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा…अंबिकापुर और बरमकेला में करोड़ों का फर्जी लोन
EOW करेगी जांच
रायपुर, 14 जनवरी। Cooperative Bank : छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के नाम पर करीब 646 करोड़ रुपये की बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जांच में अब तक अंबिकापुर में 43 करोड़ और बरमकेला में 9 करोड़ रुपये के घोटाले की पुष्टि हो चुकी है। आरोप है कि समितियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कर राशि का गबन किया गया।
बैंक ने लिया कड़ा रुख
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फर्जी ऋण मामलों पर अब कोई बच नहीं पाएगा। उन्होंने बताया कि पुराने समय में हुई वित्तीय गड़बड़ियों और फर्जी ऋण मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच की जिम्मेदारी EOW (इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग) को दी जा रही है, ताकि दोषियों को बेनकाब किया जा सके और किसानों का हक सुरक्षित किया जा सके।
आंकड़ों में खुला अंतर
KCC स्कैम तब उजागर हुआ जब अपेक्स बैंक के आंकड़ों में विसंगति देखी गई। वर्ष 2024-25 में 7,908 करोड़ रुपये का KCC लोन 15.22 लाख किसानों को दिया गया था। वहीं 2025-26 में 15.56 लाख किसानों को सिर्फ 7,262 करोड़ रुपये का लोन मिला। यानी किसानों की संख्या बढ़ी, लेकिन कुल लोन राशि 646 करोड़ रुपये कम हुई।
घोटाले का तरीका
जांच में सामने आया कि जिन किसानों ने कभी लोन नहीं लिया या जो अनपढ़ थे, उन्हें निशाना बनाया गया। समितियों ने ऐसे किसानों के मोबाइल नंबर बदले और उनके नाम से फर्जी लोन आवेदन तैयार किए। लोन स्वीकृत होने के बाद रकम पहले समिति के खाते में आई, फिर KCC खाते में और वहां से बचत खाते में ट्रांसफर की गई। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बाउचर बनाए गए और अंत में राशि नकद निकाल ली गई।
चुनावी राजनीति का आरोप
KCC लोन घोटाले के पीछे चुनावी राजनीति भी मानी जा रही है। लोन माफी के वादे के कारण यह धारणा बनी कि किसानों को इसकी जानकारी नहीं होगी। इसी सोच का फायदा उठाकर अधिकारियों और समितियों ने करोड़ों रुपये का गबन किया। अब जांच तेज हो गई है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



