Rakhad Dam : राखड़ डैम से 3 लाख मीट्रिक टन राख बही…! कोरबा में मचा हड़कंप…यहां देखें Video
पाड़ीमार राखड़ डैम की पोल खुली
कोरबा, 11 जनवरी। Rakhad Dam : कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CSEB) का बंद पड़ा पाड़ीमार राखड़ डैम एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। आरोप है कि डैम से करीब 3 लाख मीट्रिक टन राख नाले के माध्यम से बहकर आसपास के इलाकों में फैल गई, लेकिन अफसरों को जानकारी होने के बावजूद न तो समय रहते रोकथाम की गई और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। हैरानी की बात यह है कि डैम के बंद होने के बावजूद हर साल मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये कागजों में खर्च दिखाए जा रहे हैं। फाइलों में मिट्टी भराव, तटबंध मरम्मत और सुरक्षा कार्य पूरे बताए गए, जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। मौके पर न तो तटबंध मजबूत हैं और न ही राख के बहाव को रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था।
बीमारियों की वजह बनती राख
डैम से बहती और उड़ती राख अब सिर्फ पर्यावरणीय समस्या नहीं रही, बल्कि आसपास के गांवों के लिए रोजमर्रा की मुसीबत बन चुकी है। राख नाले के जरिए खेतों, जलस्रोतों और बस्तियों तक पहुंच रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में सांस की बीमारी, त्वचा रोग और आंखों में जलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मेंटेनेंस में मिलीभगत का आरोप
सूत्रों का कहना है कि डैम बंद होने के बावजूद हर वित्तीय वर्ष में मेंटेनेंस की मोटी राशि निकाल ली जाती है। ठेकेदारों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से कागजों में काम पूरे दिखा दिए जाते हैं। राख बहने की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए जाना इस पूरे मामले को लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।




